बता दें, उत्तराखंड लेखपाल संघ ने एसआईटी भूमि के राजस्व कार्य में दखल देने के विरोध में चार फरवरी से देहरादून, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर, हरिद्वार और चंपावत की 25 तहसीलों में दाखिल खारिज मामलों में आख्या लगाने का बहिष्कार कर दिया था। लेखपालों का आरोप था कि दाखिल खारिज मामलों की जांच में एसआईटी राजस्व उप निरीक्षकों का उत्पीड़न कर रही है। इसी के विरोध में लेखपालों ने दाखिल खारिज मामलों में आख्या लगाने से इनकार दिया था।
कहां लटके हैं कितने दाखिल खारिज
देहरादून - 4000
हरिद्वार - 3000
ऊधमसिंहनगर - 3000
नैनीताल - 3000
चंपावत - 2000