प्रमोशन पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन ने दो मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की रणनीति तैयार कर ली है। तीन मार्च को पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग समेत अन्य जिलों के जनरल ओबीसी कर्मचारी गैरसैंण कूच करेंगे। एसोसिएशन ने पांच मार्च से प्रदेश में आवश्यक सेवाएं ठप करने का एलान किया है।
शनिवार को यमुना कालोनी स्थित मनोरंजन सदन में आयोजित जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन और अखिल भारतीय समानता मंच की संयुक्त बैठक में अनिश्चितकालीन हड़ताल की रणनीति बनाई गई। बैठक में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश समेत अन्य कई राज्यों के कर्मचारी नेताओं ने उत्तराखंड कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन कर अपने-अपने राज्यों में धरने का एलान किया।
बैठक में अखिल भारतीय समानता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम नागराज ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण मुद्दा केवल उत्तराखंड का नहीं है। यह पूरे देश के जनरल ओबीसी कर्मचारियों का मामला है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी सरकार ने प्रमोशन से रोक नहीं हटाई है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं है।
इसके लिए सभी जनरल ओबीसी कर्मचारियों को अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर आंदोलन को सफल बनाने के लिए आगे आना होगा। जनरल ओबीसी इम्पलाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि प्रमोशन पर रोक हटाने के लिए सरकार व शासन को काफी समय दिया गया, लेकिन सरकार हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराने के लिए कर्मचारियों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
बैठक में समानता मंच उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एचएन पांडे, पंजाब जनरल कर्मचारी वेलफेयर फेडरेशन के अध्यक्ष सर्वजीत कौशिक, भारतीय किसान यूनियन के महासचिव भोग सिंह, समानता मंच के वीपी नौटियाल, केंद्रीय सचिव एलपी रतूड़ी, सिंचाई कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रमेश रमोला, मिनिस्टीरियल महासंघ के पूर्णानंद नौटियाल, पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संघ से पंचम सिंह, प्रताप सिंह पंवार, शंकर दत्त पाठक, महासचिव वीरेंद्र सिंह गुसाईं, मुकेश बहुगुणा, जगदीश प्रसाद, ललित मोहन रावत, अनिल प्रकाश उनियाल, डीएस सरियाल, डीएस असवाल, राजेंद्र सिंह चौहान, रघुवीर सिंह बिष्ट समेत कई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।