देहरादून नगर निगम में भाजपा पार्षदों ने एमएनए अशोक कुमार को हटाए जाने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया।
बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 11 बजे बोर्ड बैठक की शुरुआत मेयर विनोद चमोली के अभिभाषण के साथ हुई। अभिभाषण खत्म होते ही भाजपा पार्षद अमिता सिंह ने पार्षदों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए एमएनए को निगम से हटाने की मांग रख दी। पार्षद मंच पर चढ़ गए और एमएनए के साथ हाथापाई कर दी। किसी तरह एमएनए यहां से निकलकर अपने कक्ष में पहुंचे।
पढ़ें, प्रदर्शन के बाद मिला 'मौत' का इंसाफ
पीछे-पीछे भाजपा पार्षद वहां भी पहुंच गए और उनके कक्ष के बाहर जमकर तोड़फोड़ कर दी। स्थिति बिगड़ती देख एमएनए कक्ष के पिछले दरवाजे से निकल गए। वहीं, कांग्रेस पार्षद व कर्मचारियों ने एमएनए के समर्थन में धरना दिया। साथ ही कर्मचारियों ने विभागों में ताले लगाकर हड़ताल का ऐलान कर दिया।
कांग्रेस पार्षद नेता प्रतिपक्ष नीनू सहगल के नेतृत्व में मेयर विनोद चमोली के कक्ष के बाहर धरने में बैठ गए। कुछ देर बाद मेयर बाहर निकले। पार्षद नहीं माने तो मेयर सदन में गए और बैठक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
...तो एमएनए से ही चलवा लो सदन
मेयर ने धरने पर बैठे कांग्रेस पार्षदों को समझाने की। कहा कि हमें अधिकारियों के लिए नहीं, बल्कि पार्षदों के अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। जब अधिकारी पार्षदों की नहीं सुन रहा है तो वह क्या करेंगे। लेकिन पार्षद नहीं माने। नारेबाजी करने लगे। कांग्रेसी पार्षद आनंद त्यागी ने कहा कि क्या सदन में अधिकारी को पीट देना भाजपा पार्षदों का अधिकार है। आखिर मेयर बोले, ‘तो आप लोग सदन मुख्य नगर अधिकारी से ही चलवा लीजिए’।
कार तोड़ने की भी कोशिश
इतने में भाजपा पार्षदों ने एमएनए की कार को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया तो निगम कर्मचारी पार्षदाें से भिड़ने लगे। थोड़ी ही देर में दोनों पक्षों में मारपीट की नौबत आ गई। मौके पर मौजूद पुलिस ने सभी को अलग-अलग किया। बाद में बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ एसपी सिटी डा. जगदीश चंद्र निगम परिसर पहुंचे।