फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेता प्रतिपक्ष के तल्ख तेवर, भाजपा को निशाने पर लेते हुए बोली यह बात, जानिए

Tue, 02 Jan 2018 06:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
विज्ञापन
Trivendra Singh Rawat and Indira Hridayesh
विज्ञापन

आईएसबीटी को लेकर नेता प्रतिपक्ष सरकार के साथ आरपार के मूड में हैं। भाजपा को निशाने पर लेते हुए वह बोलीं..

विज्ञापन


ड्रीम प्रोजेक्ट पर रोक का चाबुक चलने के बाद सरकार और भाजपा को निशाने पर उन्होंने लिया और कहा कि चयनित भूमि को श्मशान घाट बताकर भ्रम न फैलाएं। आईएसबीटी का निर्माण कार्य न शुरू होने पर 30 जनवरी से सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान भी किया।

डॉ. हृदयेश ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि पुरातत्व विद्वान यशोधर मठपाल ने खुद गौलापार में आईएसबीटी के लिए चयनित भूमि का निरीक्षण किया था। मठपाल ने प्रमाणित किया था कि अवशेष हिंदू समुदाय के शिशुओं के हो सकते हैं या वे लोग जो खेतों में निवास करते थे अपने परिजनों का दाह संस्कार खेतों के समीप वन भूमि में ही कर देते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

श्मशान घाट बताकर भ्रम न फैलाए भाजपा: इंदिरा

indira hridayesh
इंदिरा ने कहा कि श्मशान भूमि की भ्रांति फैलाकर गौलापार के चयनित स्थान का महत्व कम न किया जाए। राज्य सरकार का लगभग साढ़े तीन से चार करोड़ रुपये उक्त योजना में खर्च हो चुका है, उसकी भरपाई कौन करेगा।

सरकार आईएसबीटी के लिए कोई नई जगह तलाश करती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। डॉ. हृदयेश ने कहा कि आईएसबीटी के लिए प्रस्तावित 75 या 80 एकड़ जमीन वन विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।

किसी योजना के लिए एक बार जमीन आवंटित होने के बाद उसी योजना के लिए दूसरी जमीन नहीं मिल सकती है। वन विभाग को पौधरोपण के लिए दोगुनी जमीन देनी होती है।

स्वीकृत स्थल पर अगर आईएसबीटी का निर्माण निरस्त हुआ तो वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पूर्ण नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि योजना और स्थान को संदेहास्पद न बनाते हुए जनहित में इसके लिए निर्माण का आदेश तत्काल जारी करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें