रूपये के लुढ़कने से पहले से ही परेशान लोगों के लिए एक और बुरी खबर है। अब आपको मनोरंजन 8-10 प्रतिशत तक महंगा पड़ेगा।
एक एलसीडी के बेस मॉडल के लिए अभी तक 20 हजार रुपये चुका रहे ग्राहकों को अब इस एलसीडी के लिए 22-23 हजार रुपये देने होंगे।
हाइएंड मॉडल की खरीद जेब का दर्द और बढ़ाएगी, क्योंकि इस मॉडल के लिए ग्राहक को तकरीबन 30-32 हजार रुपये पहले ही ढीले करने पड़ते हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने का फर्क मनोरंजन उत्पादों पर भी पड़ रहा है।
ग्राहकों के लिए मनोरंजन की नई धुन कर्कश हो गई है। ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद आयातित हैं। डॉलर के बढ़ने से कई कंपनियों के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के साथ ही टीवी, एलसीडी, डीवीडी आदि उत्पाद महंगे हो गए हैं।
सोमवार को रुपये का स्तर 64.35 पर रहा। पलटन बाजार स्थित टीवी, एलसीडी शोरूम के अनिल बताते हैं कि पहले के मुकाबले अब प्रत्येक उत्पाद की कीमत में तकरीबन 8-10 प्रतिशत का फर्क आया है।
साइज के हिसाब से बढ़त
टीवी, एलसीडी की कीमतें साइज के हिसाब से तय हैं। कई साइजों के टीवी बाजार में हैं। कुछ एलसीडी कीमत तो लाखों रुपये में है। साफ है कि कीमत जितनी ज्यादा होगी, रुपये में गिरावट की स्थिति में उसमें महंगाई भी उतनी ही ज्यादा होगी।
दो-ढाई हजार का अंतर
पहले की अपेक्षा कीमतों में बढ़ोत्तरी है। दो-ढाई हजार का अंतर तो बेस मॉडल पर ही है। बाजार की मजबूरी को ग्राहक भी समझते हैं। कुछ लोग लोकल उत्पाद भी खरीदते हैं, लेकिन ज्यादातर क्वालिटी के मद्देनजर बढ़िया कंपनियों के उत्पादों को प्राथमिकता देते हैं।
-मानिक नरुला, सान्या इलेक्ट्रॉनिक्स, चकराता रोड
फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें