प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि पथनिया नयाल कफड़खान निवासी दिवान सिंह और हरीश मेहता गुलदार की दो खाल बेचने के लिए हल्द्वानी ले जा रहे थे।
सोमवार सुबह कसारदेवी तिराहे के निकट दीवान सिंह पुत्र महिपाल सिंह को एसओजी और पुलिस की टीम ने गुलदार की दो खालों समेत गिरफ्तार कर लिया। हरीश मेहता निवासी पथनिया नयाल कफड़खान अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया।
पुलिस ने बताया कि बरामद एक खाल की लंबाई पूंछ से सिर तक सात फीट 10 इंच और दाहिने पैर से बांए पैर तक की चौड़ाई चार फीट छह इंच है जबकि दूसरी खाल की लंबाई छह फीट और पांच इंच तथा चौड़ाई तीन फीट आठ इंच है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी आसपास के जंगलों में तेंदुओं को जहर देकर मार देते हैं और फिर खाल निकालकर बेचने का कार्य करते हैं। आरोपियों के खिलाफ धारा 120/18 और 2/9/39/49बी/51/57 वन्य जीव जंतु संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में बेस चौकी प्रभारी संतोष देवरानी, कांस्टेबल संदीप सिंह, दिनेश नगरकोटी, हेमंत कुमार, अशोक बुदियाल, प्रमोद राणा आदि शामिल थे।
इधर खाल के मामले में वकील दीवान सिंह को गिरफ्तार करने की सूचना मिलने पर अधिवक्ताओं में आक्रोश छा गया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश परिहार, पूर्व अध्यक्ष शेखर लखचौरा सहित अन्य अधिवक्ताओं का कहना है कि इस मामले में दीवान सिंह को झूठा फंसाया गया है और एसओजी ने असली आरोपियों को छोड़ दिया और रात में राजस्व क्षेत्र में स्थित गांव में घुसकर अधिवक्ता दीवान सिंह को कार में बैठा लाए।
अधिवक्ताओं ने सीजेएम की अदालत में भी याचिका दायर करके मामले के दूसरे आरोपी हरीश मेहता सहित सभी संबंधित लोगों के मोबाइलों की कॉल डिटेल तलब करने का आग्रह किया है।