पुलिस स्कूल प्रबंध तंत्र की जवाबदेही तय करने की तैयारी में है। कई माह की कोशिश के बाद स्कूल संचालकाें के लिए 60 पेज की एसओपी तैयार हुई है, जिसमें स्कूल संचालकाें को नशा, ट्रैफिक, फायर, यौन शोषण से जुड़े मामलों में क्या करना और क्या नहीं। साथ ही यह बताया गया है कि अपराध छिपाने पर उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है।
देहरादून जिले की कमान संभालने के तुरंत बाद डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने स्कूलों की जवाबदेही तय करने को लेकर एसओपी बनाने के निर्देश दिए थे। उत्तराखंड के अलावा दिल्ली आदि राज्यों के शिक्षा, पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा चिकित्सकाें आदि से बात की।
पांच माह के प्रयासों के बाद 60 पेज की एसओपी तैयार हुई है, जो अंग्रेजी में है। एसओपी में नशा, ट्रैफिक, फायर, छेड़छाड़ और यौन शोषण से जुड़े मामलों में स्कूल संचालकों को क्या करना है और क्या नहीं, यह विस्तार से बताया गया है। सूत्राें का कहना है कि एक दो दिन में पुलिस इस एसओपी का विमोचन करा सकती है।