केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार के निधन से देहरादून जिले के डोईवाला में भी शोक की लहर है। दिवंगत केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का देवभूमि से गहरा और आत्मीय जुड़ाव था। उन्होंने बीते 10 जुलाई को डोईवाला में अपनी धर्मपत्नी के साथ पहुंचकर राज्य के पहले और देेश के 32वें सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नालाजी संस्थान का शुभारंभ किया था।
उत्तराखंड से जुड़ाव होने के कारण उन्होंने कुमाऊं मंडल में एक और सिपेट खोलने से लेकर आईडीपीएल की 833 एकड़ जमीन राज्य को देने, सितारगंज में 50 एकड़ जमीन पर अत्याधुनिक प्लास्टिक पार्क बनाने, प्रदेश में 100 प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने और प्लास्टिक रिसाईक्लिंग यूनिट की नींव डाली थी। उन्होंने डोईवाला में प्लास्टिक इंजीनियरिंग में बीटेक कोर्स शुरू करने की घोषणा भी की थी।
लंबे समय से कैंसर से लड़ रहे थे अनंत
केंद्रीय मंत्री ने कई मौकों पर अपने संबोधनों में देवभूमि के प्रति अपना अलग ही सम्मान प्रकट किया था। उनके निधन से डोईवाला के लोगों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। शोक जताने वालों में मुख्यमंत्री के ओएसडी धीरेंद्र सिंह पंवार, भाजपा नेत्री नगीना रानी, करन वोरा, राजन गोयल, संजीव सैनी, मंदीप बजाज, राकेश नौटियाल, आशा कोठारी, रोहित क्षेत्री, ललित पंत, लच्छीराम लोधी, नरेंद्र नेगी, सुशील जायसवाल आदि थे।
संसदीय कार्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता का सोमवार तड़के बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। वे 59 वर्ष के थे। वह लंबे समय से कैंसर से लड़ रहे थे। कुमार के निधन के बाद कर्नाटक में तीन दिनों का शोक घोषित किया गया है।