स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर है। लता मंगेशकर ने हिंदी फिल्मों के अलावा गढ़वाली बोली में... मन भरमेगे मेरो सुध बुध ख्वेगे...गीत गाया है। गढ़वाली बोली में उनके द्वारा गाया गया यह एकमात्र गीत है। इस लोकगीत को यूट्यूब पर अब तक 51 लाख 27 हजार से अधिक लोग सुन चुके हैं। लता मंगेशकर के निधन पर उत्तराखंड के रंग कर्मियों, लोक कलाकारों और लोक गायकों ने गहरा दुख जताया है।
देश के लिए अपूरणीय क्षति: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि स्वर कोकिला, सुर साम्राज्ञी, ख्यातिलब्ध पार्श्व गायिका 'भारत रत्न' लता मंगेशकर के निधन की खबर से मन अत्यंत दुखी है। वे संगीत साधकों के लिए सदैव प्रेरणा थीं और उनका जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है।
हर भारतवासी की आंख में आज भर गया पानी: हरीश रावत
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ट्वीट कर स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन पर अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर के निधन से देश, कला और संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे चुनाव प्रचार में स्वर कोकिला के सम्मान में गुलदस्ता और माला स्वीकार नहीं करेंगे। हरीश रावत ने लता मंगेशकर के निधन पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि हर भारतवासी की आंख में आज पानी भर आया है। मैं भी बहुत दुख भरे शब्दों में उनको अपने श्रद्धासुमन अर्पित कर रहा हूंँ। लता जी आप अमर रहे, आपके गीत, आपके कंठ स्वर अमर रहें।