प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अध्यात्मिक गुरु ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद सरस्वती के अंतिम दर्शन के लिए गुरुवार को उनके भक्तों, राजनेताओं, संत-महात्माओं का तांता लगा रहा। इस दौरान सूबे के राज्यपाल डॉ. केके पॉल, मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पूर्व गृहराज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, शांतिकुंज के प्रमुख डॉ. प्रणव पांड्या समेत सैकड़ों लोगों ने आश्रम पहुंचकर ब्रह्मलीन संत को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने स्वामी दयानंद के देहावसान को आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति बताया। कहा कि उनके निधन से समाज ने आध्यात्म का दार्शनिक खो दिया।
गुरुवार को सुबह से ही मुनिकीरेती के शीशमझाड़ी स्थित आश्रम में ब्रह्मलीन संत के दर्शन को अनुयायियों, भक्तों, आश्रम से जुड़े लोगों के साथ ही विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों, राजनेताओं, संत-महात्माओं का आवागमन शुरू हो गया था। यह सिलसिला देरशाम तक जारी रहा। लोगों ने आश्रम के सत्संग हॉल में रखे ब्रह्मलीन संत के पार्थिव देह पर श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
गौरतलब है कि बीते बुधवार रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर स्वामी दयानंद
सरस्वती ब्रह्मलीन हो गए थे। गुरुवार को उनके पार्थिव शरीर को आश्रम परिसर
के सत्संग हॉल में दर्शन के लिए रखा गया।
मुख्यमंत्री बोले, महापुरुष कभी नहीं मरते
गुरुवार दोपहर 03.15 बजे शीशमझाड़ी स्थित दयानंद आश्रम पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्वामी दयानंद सरस्वती के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि महापुरुष कभी मरते नहीं हैं, नस्वर शरीर से आत्मा अलग हो जाती है।
कहा कि स्वामी दयानंद महापुरुष थे, उन्होंने देश-विदेश में वेद और उपनिषद का ज्ञान देकर लोगों को आध्यात्मिक उन्नयन का मार्ग दिखाया। उनके निधन से हम सभी को भारी आध्यात्मिक क्षति हुई है। अब हमारे बीच स्वामी दयानंद जैसे बौद्घिक महापुरुष नहीं रहे, इसका हमें दुख है।
राज्यपाल ने कहा, दार्शनिक थे संत दयानंद
शाम करीब चार बजे ब्रह्मलीन संत के अंतिम दर्शनों के लिए दयानंद आश्रम पहुंचे राज्यपाल डॉ. केके पॉल ने स्वामी दयानंद सरस्वती की पार्थिव शरीर के दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर राज्यपाल पॉल ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती महान व्यक्ति, विद्वान, दार्शनिक और मार्गदर्शक थे। उनका ब्रह्मलीन होना राज्य और देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है।