नोटबंदी की घोषणा के बाद 500 और 1000 के पुराने नोट जमा करने की आखिरी दिन यानी शुक्रवार को पुराने नोट जमा कराने गिने-चुने लोग ही बैंक पहुंचे। वैसे तो नोट जमा करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर थी, लेकिन अंतिम शनिवार के अवकाश के चलते शुक्रवार को ही आखिरी दिन माना गया।
बैंककर्मियों ने भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्था की थी। दूसरी ओर, बैंकों में करेंसी की उपलब्धता अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।
शुक्रवार को पुराने नोट जमा करने का आखिरी दिन होने के बावजूद बैंकों में लोगों की बहुत ज्यादा भीड़ नहीं रही। इक्के-दुक्के लोग ही पुराने नोट जमा कराने पहुंचे। ज्यादातर लोग सामान्य ट्रांजेक्शन और अन्य संबंधित कार्यों के लिए ही बैंक पहुंचे। बैंक और एटीएम में करेंसी के लिए लंबी लाइनें भी नहीं दिखी।
हालांकि, बैंकों में अब भी करेंसी की किल्लत बनी हुई है। पीएनबी और एसबीआई की कुछ शाखाओं में भी पर्याप्त कैश उपलब्ध नहीं है। वहीं, अन्य छोटे बैंकों में भी दिक्कत बनी हुई है। शुक्रवार को शहर के कई अन्य एटीएम में भी कैश उपलब्ध कराया गया। हालांकि, कई एटीएम ऐसे भी हैं, जिनमें नोटबंदी के बाद एक बार भी कैश नहीं डाला गया है।
ज्यादातर बैंक और एटीएम में कामकाज सामान्य
एटीएम
- फोटो : ANI
बैंक अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल कैश की कुछ कमी जरूर है, लेकिन इससे बहुत ज्यादा दिक्कत नहीं है। नई और छोटी करेंसी के रोटेट होने और लोगों के कैशलेस की तरफ कदम बढ़ाने से स्थिति में काफी सुधार है। शुरुआत में जिस तरह करेंसी के लिए लाइनें लग रहीं थीं, वह अब नहीं है। ज्यादातर बैंक और एटीएम का कामकाज सामान्य स्थिति में पहुंच गया है।
नोटबंदी को जनता का समर्थन
500 और 1000 के नोट बैंकों में जमा कराने की आखिरी तिथि पर ज्यादातर लोगों ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया। लोगों ने कहा कि शुरुआत में कुछ दिन अव्यवस्था से परेशानी जरूर हुई, लेकिन अब स्थिति सामान्य है। समाज के बड़े वर्ग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए समझदारी दिखाई और हालात बिगड़ने नहीं दिए।
नए निर्णय को मानेंगे बैंक
सोमवार को जब बैंक खुलेंगे तो बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों को नए नियमों का सामना करना होगा। यह नियम क्या होंगे, इसकी जानकारी अभी किसी को नहीं है। मसलन, बैंक और एटीएम से कितना कैश निकाल सकेंगे?, शादी या अन्य आयोजन वालों का क्या होगा?, बड़ी संख्या में नगदी चाहने वालों का क्या होगा?, जैसे सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है। प्रधानमंत्री या रिजर्व बैंक के नए निर्देश मिलने पर ही एक जनवरी 2017 से बैंकिंग व्यवस्था चलेगी।