एनटीपीसी समेत तीन कंपनियों की तीन निर्माणाधीन विद्युत परियोजनाओं के पूरा होने पर बिजली की निकासी पिटकुल की ट्रांसमिशन लाइनों से होगी। पिटकुल और एनटीपीसी के बीच भी इसके अनुबंध पर हस्ताक्षर हो गए हैं। दो अन्य कंपनियों से पूर्व में ही अनुबंध हो चुका है।
ये कंपनियां ट्रांसमिशन लाइनों का इस्तेमाल करने का किराया पिटकुल को देंगी। जिससे पिटकुल को सालाना लगभग 45 करोड़ रुपये की आय होगी। साथ ही कुल उत्पादन की 12 प्रतिशत बिजली उत्तराखंड को निशुल्क मिलेगी।
सहारनपुर रोड स्थित पावर ट्रांसमिशन आफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) और नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन (एनटीपीसी) के बीच पिटकुल मुख्यालय में अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए।
एनटीपीसी से अनुबंध न होने से लेनको और एलएंडटी से हुए अनुबंध का फायदा मिलने की राह भी मुश्किल हो रही थी। पिटकुल द्वारा इन ट्रांसमिशन लाइनों से एनटीपीसी के 520 मेगावाट की तपोवन विष्णुगाड, एलएंडटी के 99 मेगावाट की सिंगोली भटवाड़ी और लैनको के 76 मेगावाट फाटाभ्यूंग की बिजली की निकासी होनी है।