राजधानी में हाई प्रोफाइल ड्रग एमडीएमए की बड़ी खेप बरामद हुई है। इससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। रायपुर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 48.55 ग्राम एमडीएमए और 40.75 ग्राम स्मैक बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी इन मादक पदार्थों को सहारनपुर से लाकर देहरादून में आयोजित होने वाली हाई प्रोफाइल पार्टियों में सप्लाई करने की तैयारी में था।
एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी ने बताया कि रायपुर पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर हाई प्रोफाइल ड्रग एमडीएमए की खेप लेकर देहरादून पहुंचे हैं। सूचना पर पुलिस ने रायपुर क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया। मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात अरण्य विहार क्षेत्र में एक खाली प्लॉट के पास से पुलिस ने एक युवक को घेरकर पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 48.55 ग्राम एमडीएमए और 40.75 ग्राम स्मैक बरामद हुई। आरोपी की पहचान दानिश (32) निवासी ग्राम नागल, थाना नागल, जनपद सहारनपुर के रूप में हुई। पुलिस ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने बरामद ड्रग्स सहारनपुर के एक स्थानीय तस्कर से खरीदी थी। उसका उद्देश्य देहरादून में होने वाली हाई प्रोफाइल पार्टियों में इसकी सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमाना था। पुलिस के अनुसार पूछताछ में नशा तस्करी से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें जुट गई हैं।
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बेहद खतरनाक है एमडीएमए
एमडीएमए को एक्स्टसी व मॉली भी कहा जाता है। यह एक अवैध कृत्रिम मनोरोग दवा (साइकोएक्टिव ड्रग) है। इसके बार-बार उपयोग से मस्तिष्क को नुकसान पहुंचने के साथ ही याददाश्त कमजोर होती है और लिवर संबंधी बीमारियों का खतरा रहता है।
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पिछले साल चंपावत में पकड़ी गई थी फैक्टरी
पिछले साल चंपावत में एमडीएमए फैक्ट्री पकड़ी गई थी। एसटीएफ ने मुंबई के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया था जो उत्तराखंड में एमडीएमए (मेथिलीन डाइ ऑक्सी मेथैम्फेटामाइन) तैयार कर नेपाल और मुंबई के रास्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई करता था। गिरोह के सरगना कुनाल राम को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 7.41 ग्राम एमडीएमए और भारी मात्रा में प्रीकर्सर केमिकल बरामद किया गया था। जांच में सामने आया कि पिछले वर्ष चंपावत में पकड़ी गई एमडीएमए खेप भी इसी नेटवर्क ने तैयार की थी। अब तक गिरोह के सात सदस्य गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि एक आरोपी के नेपाल फरार होने की आशंका है।
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अंडरवर्ल्ड से जुड़े हैं एमडीएमए तस्करों के तार
भारत में एमडीएमए और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स के अवैध कारोबार के तार अंडरवर्ल्ड और अंतरराष्ट्रीय माफिया सिंडिकेट से जुड़े पाए गए हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच और अन्य एजेंसियों द्वारा की गई कई बड़ी कार्रवाइयाें में सामने आया है कि डी-गैंग और अबू सलीम जैसे अंडरवर्ल्ड गिरोहों से जुड़े गुर्गे देश के विभिन्न हिस्सों में एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) की फैक्ट्रियां चला रहे थे। इन मामलों में अंडरवर्ल्ड से जुड़े पुराने अपराधियों की गिरफ्तारी भी हुई है। एमडीएमए की तस्करी के मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी और अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम इस्माइल डोला (उर्फ सलीम डोला) को अप्रैल 2026 में तुर्की से गिरफ्तार करके भारत लाया गया था। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने इंटरपोल की मदद से उसे भारत डिपोर्ट किया था।
2024 में दून में भी पकड़ी गई थी एमडीएमए
एसटीएफ ने नेहरू कॉलोनी क्षेत्र से जून 2024 में एमडीएमए की खेप पकड़ी थी। तस्करी के आरोप में कपिल ध्यानी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में कपिल ने बताया था कि यह पार्टी ड्रग वह गुड़गांव से लेकर आया था। बसंत विहार थाना में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी।