दिव्यांग कारोबारी हरिओम सहगल ने अपने कारोबारी साझेदार और हॉस्टल मालिक समेत चार लोगों पर धोखाधड़ी, मारपीट, बंधक बनाने, बैंक खातों से रुपये निकालने, सामान हड़पने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। एसीजेएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। न्यायालय के आदेश पर प्रेमनगर थाने में जीवन सिंह, अनुज कुमार शर्मा, परविंदर सिंह और रजत देशवाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार हरिओम सहगल वरिष्ठ नागरिक होने के साथ-साथ दिव्यांग हैं। उन्होंने बताया कि जून 2025 में उन्होंने अपने पार्टनर अनुज कुमार शर्मा के साथ मिलकर जीवन सिंह के स्वामित्व वाले शिव ओम पैलेस हॉस्टल को 11 महीने की लीज पर लिया था। लीज के लिए लाखों रुपये अग्रिम और किराये के रूप में दिए गए।
आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 तक सब कुछ सामान्य चलता रहा, लेकिन बाद में आरोपी पक्ष ने साजिश रचकर उन्हें हॉस्टल से जबरन बाहर निकाल दिया। उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज की गई और बंधक बनाकर रखा गया। आरोप है कि मौके पर पुलिस बुलाने के बाद ही उन्हें आरोपियों के कब्जे से छुड़ाया जा सका। हरिओम सहगल का कहना है कि दिव्यांग होने के कारण बैंकिंग और मोबाइल लेन-देन का कार्य उनका पार्टनर अनुज शर्मा करता था। इसी विश्वास का फायदा उठाकर आरोपियों ने यूपीआई और बैंक खातों के माध्यम से करीब 7.95 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए।
इसके अलावा लीज बढ़ाने के नाम पर पांच लाख रुपये एडवांस लेने के बावजूद अनुबंध आगे नहीं बढ़ाया गया। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने उनके बैंक के चेक चुराकर फर्जी हस्ताक्षर से उन्हें भुनाने का प्रयास किया।
हरिओम सहगल ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत पहले प्रेमनगर थाना और बाद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस से कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।