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उत्तराखंड: छात्रों को देने वाले लैपटॉप की खरीद में सामने आया घपला

Sat, 07 Jan 2017 10:28 AM IST
संजय त्रिपाठी/अमर उजाला, देहरादून
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लैपटॉप - फोटो : डेमो पिक
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आईटी विभाग द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्र-छात्राओं को देने के लिए लैपटॉप बाजार भाव से अधिक मूल्य पर खरीदे जा रहे हैं। पांच करोड़ रुपये की इस खरीद में सरकार को करीब एक करोड़ का नुकसान होना तय है।
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शिकायती पत्र से गड़बड़ी सामने आने पर समाज कल्याण सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने आईटी विभाग को तत्काल खरीद रोकने और पूरे मामले में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। वहीं, मुख्य सचिव की ओर से भी आईटी विभाग को कड़ा पत्र लिखा गया है।

कुल 1425 लैपटॉप के खरीद का ऑर्डर दिया गया था, जिसमें से 285 लैपटॉप डिलीवर किए जा चुके हैं। ये लैपटॉप अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्र-छात्राओं को वितरित करने के लिए खरीदे जा रहे हैं।
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दरअसल, उत्तराखंड में निवास करने वाले अनुसूचित जाति-जनजाति के ऐसे छात्र-छात्राएं जो मेडिकल या इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें मुफ्त लैपटॉप देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने दिसंबर-14 में की थी।

एक ही डीलर से लिए गए स्पेसिफिकेशन

- फोटो : demo pic
घोषणा के बाद बजट में पांच करोड़ रुपये का प्रावधान भी खरीद के लिए किया गया। समाज कल्याण विभाग को इस रकम से लगभग डेढ़ हजार लैपटॉप खरीदने थे, मगर किन्हीं कारणों से यह काम आईटी विभाग को सौंप दिया गया। लगभग दो साल तक खरीद नहीं हो पाई। इधर, बीते दिसंबर माह में गुपचुप तरीके से गर्वनमेंट ई-मार्केट प्लेस का उपयोग करके खरीद की गई।

नियमानुसार इस व्यवस्था में पचास हजार रुपये से अधिक की खरीद पर रिवर्स बिडिंग यानी कम से कम मूल्य के टेंडर आमंत्रित करके खरीद होनी चाहिए। मगर आईटी विभाग ने एक ही डीलर द्वारा अलग-अलग खासियतों (स्पेसिफिकेशन) के लैपटॉप के विभिन्न रेट में से न्यूनतम मूल्य वाले लैपटॉप खरीद लिए।

निर्धारित खूबियों वाले लैपटॉप आईटी विभाग ने 34850 रुपये मूल्य की दर से खरीदे। आनन-फानन में इन्हें बांटने का काम भी शुरू हो गया। इसी बीच समाज कल्याण विभाग को एक शिकायत मिली, जिसमें दो साल की अतिरिक्त वारंटी और निर्धारित स्पेसिफिकेशन के लैपटॉप मात्र 27490 रुपये में उपलब्ध होने की बात कही गई थी।
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प्राथमिक जांच के बाद तत्काल खरीद रोकने के निर्देश

Laptop
प्राथमिक जांच-पड़ताल में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद सचिव समाज कल्याण डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने बीती 26 दिसंबर को आईटी सचिव दीपक गैरोला को पत्र लिखकर लैपटॉप में खरीद नियमावली के उल्लंघन होने की बात कहते हुए तत्काल खरीद रोकने की बात कही। इसके अलावा यह भी हिदायत दी कि यदि कोई वित्तीय अनियमितता होगी, तो आईटी सचिव ही जिम्मेदार होंगे।

गड़बड़ी की सूचना जब मुख्य सचिव एस. रामास्वामी को मिली तो उन्होंने भी आईटी सचिव को खरीद के आदेश पर रोक लगाने को कहते हुए पूरे मामले पर जवाब मांगा है। उन्होंने साफ तौर पर अपने पत्र में लिखा है कि इस प्रकार की खरीद से लगभग 75 लाख से एक करोड़ रुपये की चपत सरकार को लगेगी।

समाज कल्याण विभाग के लिए आईटी विभाग को लैपटॉप खरीदने थे। मामले में शिकायत आने के बाद मैंने आईटी सचिव को पत्र लिखकर पूरे मामले पर आख्या देने को कहा है। साथ ही खरीद प्रक्रिया रोकने के भी निर्देश दिए हैं।
-डॉ. भूपिंदर कौर औलख, सचिव (समाज कल्याण)

कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। सारी खरीद निर्धारित प्रक्रिया से की गई है। जिससे सामान नहीं खरीदा गया, उसने शिकायत की है। मुझसे जो जवाब मांगा गया, मैंने मुख्य सचिव को दे दिया है।
- दीपक गैरोला, सचिव (सूचना एवं तकनीकी)
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