यहां पर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के साथ ही निचली तरफ से भी भूधंसाव हो रहा है। आपदा के बाद से यहां कई बार सड़क ध्वस्त हो चुकी है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के बजाय एनएच ऊपरी तरफ से कटान कर कामचलाऊ व्यवस्था करता आ रहा है।
ऐसे में खाट गांव के लिए खतरा पैदा हो रहा है। तिलवाड़ा के पास भी हाईवे पर करीब 200 मीटर हिस्से में भूस्खलन जोन बना है, जो हल्की बारिश में सक्रिय हो रहा है। दूसरी ओर, नारायणकोटी से सोनप्रयाग तक लगभग 25 किमी क्षेत्र भी दयनीय बना हुआ है।
इधर, एनएच के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि यात्रा शुरू होने तक हाईवे को काफी हद तक दुरुस्त कर लिया जाएगा। मौसम ने साथ दिया तो जिन-जिन जगहों पर चौड़ीकरण सहित अन्य कार्य पूरे हो गए हैं, वहां हॉटमिक्स भी कर दिया जाएगा।