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जापानी तकनीक से रुकेगा भूस्खलन, शोध करने पहुंचेगी जापानी इंजीनियरों की टीम 

Thu, 24 May 2018 12:57 PM IST
श्याम मिश्रा, अमर उजाला, नैनीताल
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landslide
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जिले में हो रहा भूस्खलन जापानी तकनीक से रुकेगा। भूस्खलन के कारण और बचाव पर शोध करने के लिए जापान से इंजीनियरों की टीम जिले में पहुंच रही है। टीम जिले में चिन्हित भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का बारीकी से अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेगी। शोध नतीजे आने के बाद वन विभाग के अधिकारी प्रशिक्षण लेने के लिए जापान जाएंगे।  

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भूस्खलन की दृष्टि से जिला संवेदनशील है। भूस्खलन को रोकना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। अब इस समस्या से छुटकारा मिलने की उम्मीद जगी है। अगले दस दिन में जापान के इंजीनियरों के जिले में पहुंचने की उम्मीद है। टीम भूस्खलन के लिए संवेदनशील स्थानों पर शोध करेगी। पूर्व में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

भूस्खलन को रोकने का काम तीन चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में जापानी इंजीनियर यहां आकर शोध करेंगे, दूसरे में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जापान जाकर भूस्खलन रोकने संबंधी प्रशिक्षण लेंगे। तीसरे और अंतिम चरण में कर्मचारी लौटक भूस्खलन रोकने का प्रयास करेंगे। इस शोध और प्रशिक्षण का पूरा खर्च जापान उठाएगा।  
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रईस होटल में भूस्खलन जारी 
नगर में रईस होटल क्षेत्र में लंबे समय से भूस्खलन जारी है। बलिया नाले में साल भर भूस्खलन होता है। कैलाखान में भी भूस्खलन होता रहता है। इसी तरह जिले में तमाम अन्य स्थानों पर भूस्खलन से जानमाल को खतरा बना रहता है।

जापान से हो चुका है करार
जापान के  साथ इसके लिए करार हो चुका है। भूस्खलन पर शोध करने के लिए जापान से इंजीनियरों की टीम जल्द जिले में आ रही है। टीम प्रभावित क्षेत्रों में शोध कर रिपोर्ट तैयार करेगी और फिर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी जापान जाकर प्रशिक्षण लेंगे। उम्मीद है कि जापानी तकनीक भूस्खलन रोकने में कारगर साबित होगी।
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-बीजू लाल टीआर, डीएफओ नैनीताल

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