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Uttarakhand: रुद्रप्रयाग में अब भूस्खलन से पहले मिलेगा पूर्वानुमान, राज्य का पहला और देश का चौथा जिला बना

Tue, 23 Sep 2025 11:13 AM IST
रेनू सकलानी विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

जीएसआई ने राज्य में भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील जोन चिह्नित किए हुए हैं। इसमें रुद्रप्रयाग में ही 1509 जोन चिह्नित हैं। 

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भूस्खलन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने रुद्रप्रयाग जिले में भूस्खलन का पूर्वानुमान विधिवत देना शुरू कर दिया है। राज्य का रुद्रप्रयाग पहला और देश का चौथा ऐसा जिला बन गया है जिसका भूस्खलन चेतावनी को लेकर बुलेटिन जारी हो रहा है।

राज्य भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील है। जीएसआई ने राज्य में 14780 भूस्खलन जोन चिह्नित किए हुए हैं। इसमें रुद्रप्रयाग में ही 1509 जोन चिह्नित हैं। इसके अलावा जीएसआई रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और उत्तरकाशी में भूस्खलन का पूर्वानुमान जारी करने के लिए परीक्षण का काम रहा था। यह प्रयास करीब तीन साल से जारी थे। अब जीएसआई ने रुद्रप्रयाग जिले में भूस्खलन को लेकर विधिवत पूर्वानुमान देना शुरू कर दिया है।

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इसी महीने कोलकाता स्थित जीएसआई के केंद्रीय मुख्यालय से अधिकारिक रूप से बुलेटिन जारी करने की प्रक्रिया को किया गया। जीएसआई ने यह उपलब्धि सोशल मीडिया के माध्यम से भी साझा की है। इसमें बताया गया कि रुद्रप्रयाग पूरे उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र का पहला और भारत का चौथा ऐसा जिला बन गया है, जिसका भूस्खलन पूर्वानुमान बुलेटिन सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है।

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पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू के तीन जिले शामिल थे

देहरादून। रुद्रप्रयाग के अलावा जीएसआई भूस्खलन का पूर्वानुमान पश्चिम बंगाल और तमिलनाडू के जिलों के लिए जारी कर रहा है। इसमें पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग और कलिम्पोंग शामिल हैं। इसके अलावा तमिलनाडू का नीलगिरी जिला शामिल है।

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