हाईवे पर कुम्हारखेड़ा बाईपास के समीप रविवार रात को भारी बोल्डर गिर गए थे जिससे एनएच पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। मार्ग बंद होने के कुछ समय बाद बोल्डर हटाने के लिए जेसीबी लगाई गई लेकिन बोल्डर इतने बड़े और ज्यादा हैं कि उन्हें तोड़कर दूसरी जगह डंप करने में समय लग रहा है।
ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर दूसरे दिन भी यातायात बहाल नहीं हो पाया है। कुम्हारखेड़ा बाईपास के समीप रविवार रात को भारी बोल्डर गिरने से हाईवे बंद हो गया था। छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा रहा है लेकिन बड़े वाहन दो दिनों से वहीं खड़े हैं। हालांकि हाईवे बंद होने के बाद से बड़े वाहनों को भद्रकाली में ही रोका जा रहा है।
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हाईवे पर कुम्हारखेड़ा बाईपास के समीप रविवार रात को भारी बोल्डर गिर गए थे जिससे एनएच पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। मार्ग बंद होने के कुछ समय बाद बोल्डर हटाने के लिए जेसीबी लगाई गई लेकिन बोल्डर इतने बड़े और ज्यादा हैं कि उन्हें तोड़कर दूसरी जगह डंप करने में समय लग रहा है। लोगों की समस्या को देखते हुए ऋषिकेश-हरिद्वार जाने वाले छोटे वाहनों को वाया पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) से और देहरादून जाने वाले छोटे वाहनों को बगरधार से डागर गांव होते हुए नरेंद्रनगर-रानीपोखरी मार्ग से भेजा जा रहा है।
चंबा से भी रूट डायवर्ट किया गया है लेकिन कई बड़े ट्रक अब भी एनएच पर फंसे हुए हैं। मार्ग खोल रही कंपनी के मैनेजर एनके यादव ने बताया कि बोल्डर काफी बड़े हैं मलबा हटाते ही और आ रहा है। पत्थर तोड़ने के लिए दो मशीनें और एक जेसीबी के साथ ही चार डंपर लगाए गए हैं। मलबा आठ किमी दूर डंप करने से भी समय लग रहा है।
पहाड़ी से मलबा गिरना बंद हो गया तो सोमवार रात करीब 12 बजे तक मार्ग खोल दिया जाएगा। एनएच बंद होने से महाविद्यालय का स्टाफ भी नहीं पहुंच पाया जिससे सोमवार को यहां नगरपालिका हॉल में ही उनकी उपस्थिति ली गई। साथ ही जिलेभर में बारिश के कारण करीब 32 लिंक मार्ग बंद पड़े हुए हैं।