बृहस्पतिवार देर रात करीब दस बजे रैणी गांव के पास भारी मलबा और बोल्डर आने से जोशीमठ-मलारी हाईवे का 25 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हाईवे क्षतिग्रस्त होने से एक बार फिर मलारी घाटी के एक दर्जन से अधिक गांवों की आवाजाही ठप हो गई।
मलारी हाईवे विस्तारीकरण के चलते एक माह में चार दिनों से अधिक समय के लिए बंद हो चुका है, जिससे बार-बार ग्रामीणों के साथ ही चीन सीमा पर तैनात आईटीबीपी और सेना के जवानों को भी आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं।
हाईवे क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को ढाई किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। बीआरओ के कमांडर आर सुब्रमन्यम का कहना है कि हाईवे पर आए मलबे और बोल्डर से हाईवे का बड़ा हिस्सा टूट गया है। यहां पर अब दोबारा हिल कटिंग कर हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। हाईवे सुचारु करने में दो से तीन दिनों का समय लगेगा।