बुधवार रात गंगा घाटी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे भूस्खलन सक्रिय होने से यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे कई जगह अवरुद्ध हुआ। उत्तरकाशी से गंगोत्री की ओर बृहस्पतिवार शाम तक भी यातायात चालू नहीं हो पाया है।
तीन दिनों तक कुछ राहत के बाद बुधवार रात को जिले की गंगा घाटी में जमकर बारिश हुई। जिला मुख्यालय क्षेत्र में 42 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि डुंडा में 25 और भटवाड़ी में 35 एमएम बारिश हुई।
रर्वाइं घाटी क्षेत्र में बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई। बारिश में भूस्खलन सक्रिय होने से गंगोत्री हाईवे धरासू नालूपाणी, नाकुरी, रतूड़ीसेरा, बंदरकोट, बड़ेथी चुंगी, गंगोरी गरमपानी, नेताला, भाटुकासौड़, लालढांग, विशनपुर, मल्ला, चड़ेथी, स्वारीगाड, हेलगूगाड, गंगनानी आदि स्थानों पर अवरुद्ध हुआ।
भारी मशक्कत के बाद बीआरओ ने शाम चार बजे देहरादून से उत्तरकाशी जिला मुख्यालय तक तो यातायात बहाल कर लिया, लेकिन गंगोत्री की ओर नेताला एवं गंगनानी में हाईवे अब भी बंद है।
यमुनोत्री हाईवे बाडिया, सिलाई बैंड एवं जंगलचट्टी में कुछ देर के लिए अवरुद्ध हुआ था, लेकिन फिर खुल गया था। उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग संकूर्णाधार के पास भूस्खलन से बार-बार अवरुद्ध हो रहा है।
गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध होने से बृहस्पतिवार को कोई तीर्थयात्री गंगोत्री धाम नहीं जा पाए, जबकि यमुनोत्री 25 तीर्थयात्री पहुंचे।