रुद्रप्रयाग : बदरीनाथ-माणा एनएच, बांसवाड़ा-चंद्रनगर-मोहनखाल
रानीखेत : अल्मोड़ा-पानार-घाट
उत्तरकाशी : आराकोट-छिवा-बालचा
टिहरी : टिहरी हिंडोलाखा-देवप्रयाग, लंबगांव-प्रतापनगर-टिहरी
देहरादून : त्यूनी-पुरोला-नौगावं, चकराता-लाखामंडल, दारागाड़-कठियान-त्यूनी, साहिया-क्वानु
चमोली : पोखरी-गोपेश्वर, कर्णप्रयाग-नौटी-पैठाणी, थराली-देवाल-मुंडोली-बाण, बिरही-गौना, घाट-रमणी, ग्वादम-नंदकेशरी, गौचर-सिडोली
पौड़ी : मार्छुला-सरायखेत-बैजरो-पोखड़ा-सतपुली-पौड़ी, लक्ष्मणझूला-दुगड्डा, घाटूगाड़-सिलोगी-लैंसडौन-रिखणीखाल-बीरोंखाल, थैलीसैंण-बुंगीधार-देघाट-जैनाल-मनीला-डोटीयाल-मर्छुला, कर्णप्रयाग-नौटी-पैठाणी, दुगडेवा-कालगाड़ी-खिर्सू-पोखरी, खेड़ाखाल-कंडाई, पाबौ-संतुधार, नौगांवखाल-चौबट्टाखाल-चौरीखाल
नैनीताल : गर्जिया-बेतालघाट-खैरणा-ओड़ाखान-मुक्तेश्वर, लक्ष्मीखान-नथुवाखान-कुराब
रामनगर-भंडारीपानी-आमगड़ी-बोहराकोट-ओखलडुंगा
पिथौरागढ़ : तवाघाट-नारायणआजम
बागेश्वर : बागेश्वर-डफोट
दो दिनों से लामबगड़ में बंद बदरीनाथ हाईवे सोमवार को मात्र दो घंटे तक सुचारु रहने के बाद फिर से मलबा और बोल्डर आने से अवरुद्ध हो गया। हाईवे खुलने पर पुलिस ने बदरीनाथ में रोके गए लगभग 800 तीर्थयात्रियों और वाहनों को उनके गंतव्य को भेज दिया है। कंचनगंगा में बीआरओ ने मलबा हटाकर हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु कर दिया है।
शनिवार को बोल्डर और मलबा आने से शाम सात बजे लामबगड़ में बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया था। जबकि कंचनगंगा में आए मलबे से करीब 25 मीटर तक हाईवे बह गया था। रविवार को दिनभर बारिश होने के कारण लामबगड़ और कंचनगंगा में हाईवे सुचारु नहीं हो पाया। सोमवार को मौसम सामान्य होने पर बीआरओ ने दो जेसीबी मशीनों के जरिए कंचनगंगा गदेरे में मलबे को हटाकर वाहनों के जाने लायक सड़क बना ली।
जिसके बाद बदरीनाथ में रोके गए तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य को भेजा गया। वहीं, लामबगड़ में सुबह नौ बजे मलबा और बोल्डर हटाने के बाद यात्रा वाहनों की आवाजाही सुचारु की गई। ग्यारह बजे फिर से लामबगड़ चट्टान से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आने से दोबारा अवरुद्ध हो गया था। शाम तक भी हाईवे को सुचारु नहीं किया जा सका था। जोशीमठ के एसडीएम अनिल चन्याल का कहना है कि हाईवे को सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
शारदा का जलस्तर रविवार रात दस बजे बढ़कर एक लाख क्यूसेक से अधिक पहुंच गया। जिससे शारदा हेडवर्क्स प्रशासन ने सुरक्षा के तहत बैराज पर रेड अलर्ट कर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी। जिससे वाहनों की आवाजाही के लिए खुलने वाला सुबह छह से आठ बजे वाला गेट बंद रहा।
यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स के बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार की रात दस बजे बाद शारदा का जलस्तर बढ़कर एक लाख क्यूसेक से अधिक होने लगा। जो सुबह छह बजे 141000 क्यूसेक पहुंच गया। सुबह नौ बजे नदी का जलस्तर घटकर 119000 क्यूसेक पहुंच गया था। जिससे शारदा हेडवर्क्स प्रशासन को सुरक्षा के तहत बैराज पर से वाहनों का संचालन बंद करना पड़ा।
जिससे बैराज के दोनों ओर वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान सुबह भारत नेपाल के बीच संचालित होने वाले मैत्री बसों का संचालन भी प्रभावित रहा। वाहन स्वामी और चालक बैराज से रेड अलर्ट हटने का इंतजार करते रहे। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से अधिक पहुंचने पर सुरक्षा के तहत बैराज पर से वाहनों को संचालन रोक दिया जाता है। बताया कि यह नियम अंग्रेजों के समय से है।