फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भूस्खलन से तीन घंटे बंद रहा दून-मसूरी मार्ग 

Sun, 03 Jul 2016 02:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मसूरी
विज्ञापन
मसूरी मार्ग - फोटो : अमरउजाला
विज्ञापन
भारी बारिश के कारण पर्यटन नगरी में शनिवार को आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। मूसलाधार बारिश के दौरान भूस्खलन से मसूरी-देहरादून मार्ग दिन में कई बार बाधित हुआ। कोल्हू खेत और भट्टा गांव के पास सड़क पर मलबा आने से करीब तीन घंटे वाहनों की आवाजाही ठप रही। मार्ग बंद होने से मसूरी से आने-जाने वालों को काफी परेशानी हुई।
विज्ञापन


वहीं, नगर में पुश्ते टूटने से तीन कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। बारिश की वजह से सुबह आठ बजे तीन बजे तक माल रोड पर आवाजाही ठप रही। भयंकर बारिश देखकर पर्यटकों में दहशत फैल गई। पूरे प्रदेश में हो रही तेज बरसात को देखते हुए अधिकतर पर्यटक नगर से जाने लगे हैं।

संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त
नगर में शनिवार सुबह से शाम तक जारी मूसलाधार बारिश ने जगह-जगह तबाही मचाई। कुलड़ी बाजार में कई दुकानों में पानी भर गया। कई संपर्क मार्ग बारिश से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सुबह आठ बजे कोल्हू खेत के पास पुश्ता टूटने से दून-मसूरी मार्ग पर वाहनों की लाइन लग गई।
विज्ञापन


अभी यहां यातायात सुचारु भी नहीं हो पाया था कि भट्टा गांव के पास करीब 11 बजे पहाड़ी दरकने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। करीब तीन घंटे तक यातायात ठप हो गया। सूचना पाकर मौके पर शहर कोतवाल कमलेश नंबूरी मय फोर्स यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने में जुट गए।

एक बजे के बाद कोल्हू खेत में सड़क से मलबा हटाकर यातायात सुचारु कराया गया। गज्जी बैंड से हाथी पांव मार्ग भी मलबा आने से कई बार अवरुद्ध हुआ। उधर, मसूरी में बेकरी हिल के सामने पालिका रोड पर पुश्ता गिरने से एक कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। तिलक मार्ग पर शारलीन होटल के सामने पुश्ता ढहने से दो कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो र्गइं। 

डीएम का आदेश नहीं पहुंचने से बच्चों की फजीहत 
तेज बारिश से स्कूली बच्चों को परेशानी हुई। जिलाधिकारी के आदेश को स्थानीय प्रशासन ने समय से स्कूल और कॉलेजों में नही भेजे। लिहाजा स्कूली बच्चों की खूब फजीहत हुई। बच्चे मूसलाधार बारिश में भीगते हुए स्कूल पहुंचे। बाद में कुछ स्कूलों ने अखबार के माध्यम से जिलाधिकारी के आदेश का संज्ञान लेते हुए स्कूल में छुट्टी कर दी। हालांकि, अंग्रेजी और कान्वेंट स्कूलों में डीएम के निर्देश की भी परवाह नहीं की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें