पूर्णागिरि धाम में मुख्य मंदिर के पास की चट्टान 28 जून की सुबह हुई बारिश के दौरान दरक गई। इससे दर्शन कर श्रद्धालुओं के वापस आने वाला मार्ग बाधित हो गया है। गनीमत रही कि बारिश के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही नहीं थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
सुबह मां पूर्णागिरि धाम में मुख्य मंदिर में पास शांति स्थल में चट्टान दरकने से भारी भरकम पत्थर मार्ग में आकर गिरा। मुख्य मंदिर की सीढ़ियों में भी मलबा आने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि लोनिवि को जल्द ही मलबा हटाकर मार्ग खोलने के निर्देश दिए गए हैं। लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट ने बताया कि मार्ग खोलने के लिए विभाग की टीम पूर्णागिरि भेजी गई है।
पूर्णागिरि मार्ग में उफान पर आए किरोड़ा नाले से करीब दो घंटे यातायात बाधित रहा। किरोड़ा रोखड़ से उत्तरी छोर के गांवों गैड़ाखाली, थ्वालखेड़ा, चिलियाघोल, उचौलीगोठ का शहर से सड़क संपर्क करीब दो घंटे कटा रहा। मार्ग के दोनों तरफ यात्री फंसे रहे। बारिश से गांवों में लोगों को जलभराव की समस्या से भी जूझना पड़ा।