भूस्खलन के खतरे वाले क्षेत्रों में लोगों से बात करते एसडीएम
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पिछले दिनों हुई लगातार बारिश से सोमवार को राहत जरूर मिल गई, लेकिन मसूरी में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारी बारिश में हुए भूस्खलन से आबादी क्षेत्र पर खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रशासन ने सोमवार को डेंजर जोन बन चुके क्षेत्र से 12 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया। लगातार हो रहे भूस्खलन से आस-पास के आबादी क्षेत्र के लोग दहशत में हैं। वहीं, भूस्खलन के चलते मसूरी-टिहरी बाईपास मार्ग तीसरे दिन भी बाधित रहा।
शुक्रवार-शनिवार को हुई बारिश में ही लंढौर सिविल अस्पताल के पास भूस्खलन शुरू हो गया था। इसके बाद हुई भारी बारिश में पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूट गया।
खतरे में आबादी
इससे मसूरी-टिहरी मार्ग तो बाधित होने के साथ ही आबादी क्षेत्र पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। सोमवार को उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और एहतियातन वहां रह रहे 12 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भिजवाया।
लगातार हो रहे भूधंसाव के चलते आने वाले कई दिनों तक टिहरी-मसूरी मार्ग का खुल पाना संभव नहीं है। छोटे वाहनों को डायवर्ट किया जा रहा है। लेकिन, उत्तरकाशी और टिहरी-चंबा जाने वाली बसों के पहिए थम गए हैं।
एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों में बारिश के चलते और अधिक भू-धंसाव की संभावना बनी हुई है। इसलिए भू-धसाव वाले क्षेत्र में रह रहे लोगों को शिफ्ट कर दिया गया है।