तहसीलदार ने बताया कि यदि कोई परिवार अत्यधिक प्रभावित या खतरे की जद में पाया जाता है तो भूगर्भीय टीम से स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा। जांच के आधार पर आवश्यकतानुसार प्रभावित परिवारों के विस्थापन की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने, क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन, पुल और रास्तों को दुरुस्त करने तथा खतरे की जद में रह रहे परिवारों का जल्द सुरक्षित स्थान पर विस्थापन करने की मांग की है।