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बदरीनाथ में आफत लाई बारिश, फंसे यात्री रवाना हुए

Mon, 14 Jul 2014 05:28 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, गढ़वाल/देहरादून
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उत्तराखंड के कई इलाकों में शनिवार रात और रविवार को जमकर बारिश हुई। बारिश किसानों और गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए तो खुशी लेकर आई लेकिन हाईवे पर आफत की स्थिति पैदा हो गई।
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बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग लामबगड़ सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे खोल दिया गया। 179 तीर्थयात्री बदीनाथ के लिए रवाना हुए, जबकि बदरीनाथ से 210 तीर्थयात्री अपने गंतव्य को रवाना हुए।

रविवार को बारिश के दौरान भूस्खलन से बदरीनाथ, गंगोत्री और केदारनाथ हाईवे पर कई जगह मलबा और बोल्डर आ गए। इससे हाईवे घंटों बंद रहे।

स्थानीय लोगों के साथ तीर्थयात्रियों को भी भारी परेशानी हुई। हालांकि खराब मौसम के चलते शनिवार को रुकी केदारनाथ यात्रा रविवार को शुरू हो गई थी। 200 तीर्थयात्री धाम गए थे।
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जोरदार बारिश से बंद हो गया था बदरीनाथ हाईवे

शनिवार रात दो बजे जोरदार बारिश के बाद मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में बंद हो गया। रविवार सुबह यात्रियों को जोशीमठ में ही रोक लिया गया। 10 बजे मार्ग खोला गया।

इसके बाद 210 तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ रवाना किया गया। बदरीनाथ से भी 196 तीर्थयात्री गंतव्य के लिए रवाना हुए। लेकिन दिन में एक बजे बारिश से लामबगड़ में हाईवे फिर बंद हो गया।

इसके बाद पुलिस ने 145 तीर्थयात्रियों को जोशीमठ में ही रोक लिया। 46 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम में रोके गए थे।

सात घंटे तक बंद रहा केदारनाथ राजमार्ग

स्यालसौड़-बांसवाड़ा के बीच चार जगह मलबा आने से केदारनाथ राजमार्ग सात घंटे तक बंद रहा। दिन में साढे़ तीन बजे सीमा सड़क संगठन ने मलबा हटाकर मार्ग को आवाजाही के लिए खोला।

इस दौरान मार्ग के दोनों ओर लगभग दो सौ वाहन फंसे रहे। केदारघाटी में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई भी प्रभावित हुई। उत्तरकाशी में शनिवार देर रात मूसलाधार बारिश हुई।

इस दौरान भूस्खलन से गंगोरी गरमपानी, नेताला, मनेरी, भाटुकासौड़, लालढांग आदि स्थानों पर गंगोत्री हाईवे बाधित हो गया। रविवार सुबह कई जगह यात्रियों ने खुद मलबा हटाकर यातायात बहाल किया।

बीआरओ ने नौ बजे के बाद काम शुरू किया। हाईवे पर मनेरी से आगे भारी वाहनों की आवाजाही शाम तक शुरू नहीं हो पाई।

16-17 जुलाई को भारी बारिश के आसार

16-17 जुलाई को उत्तरकाशी में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन सतर्क है। उत्तरकाशी में पुलिस ने लोगों से सावधान रहने को कहा है। कहा गया है कि बारिश के चलते नदी का जलस्तर बढ़ सकता है।

 चमोली के घाट क्षेत्र में नंदाकिनी और चुफलागाड नदियों के जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील प्रशासन ने की है।

उधर, कुमाऊं में सोमवार को भारी बारिश की आशंका है। कुमाऊं में रविवार को कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। रविवार को हरिद्वार और दून में भी बारिश हुई।
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कम संख्या में लगातार पहुंच रहे श्रद्धालु

बदरीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों की संख्या हालांकि घटती जा रही है लेकिन धाम में स्थानीय श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है।

236 तीर्थयात्री और 269 स्थानीय श्रद्धालु बदरीनाथ धाम में मत्था टेकने पहुंचे। वहीं तीर्थयात्रियों की संख्या कम होने पर होटल और रेस्टोरेंट अधिकतर खाली पड़े हैं।

स्थिति यह है कि तीर्थयात्रा के दौरान जो कमरे 1500 रुपए प्रतिदिन किराए पर दिए जाते थे, वही कमरे इन दिनों 250 से 300 रुपए में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

वृंदावन से बदरीनाथ धाम पहुंचे संत निर्मलानंद सरस्वती ने 30 भक्तों के साथ बदरीनाथ की तीन महाभिषेक और 15 अभिषेक पूजा कर्राइं।

इन दिनों बदरीनाथ में मौसम सुहावना बना है, लेकिन बीते वर्ष की आपदा को देखते हुए यात्रा चरमरा गई है। वहीं, सिखों के प्रसिद्ध तीर्थ हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा भी धीमी हो गई है। गोविंदघाट से 214 तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुए।

पंजाब के जसवीर सिंह का कहना है कि हेमकुंड साहिब के दर्शनों के लिए पांच सालों से कार्यक्रम बना रहे थे, लेकिन इस बार धाम में आने का मौका मिला।
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