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किराएदार रखने वाले मकान मालिक ध्यान दें, पुलिस विभाग ने जारी किए आदेश, मिलेगी राहत

Wed, 31 Oct 2018 11:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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देहरादून में पुलिस ने किराएदार का सत्यापन कराने के बाद भी मकान मालिक का चालान काट दिया। इस प्रकरण का संज्ञान लेकर उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग ने कड़ी नाराजगी जताई।

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इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक ने पुलिस कप्तानों को किराएदार अथवा नौकर का सत्यापन न कराने पर कोर्ट चालान से पहले मकान मालिक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

आईएसबीटी स्थित एमडीडीए कालोनी निवासी जनार्दन प्रसाद ध्यानी ने उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग में शिकायत की थी कि उनके द्वारा किराएदार का सत्यापन कराया गया था। बावजूद इसके पटेलनगर पुलिस ने पुलिस अधिनियम की धारा 83 के तहत सत्यापन न कराने के आरोप में उनका कोर्ट चालान कर दिया।

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आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से पूछा कि क्या सत्यापन की कार्रवाई के दौरान मकान मालिक द्वारा किए गए सत्यापन आवेदनों का कोई रिकार्ड नहीं होता। पुलिस की तरफ से जवाब दिया कि थाने के रजिस्टर मुहल्लों में ले जाकर यह चेक करना संभव नहीं हैं। आयोग के मुख्य आयुक्त आलोक कुमार जैन ने इस मामले में एक अक्तूबर को डीजीपी को पत्र लिखकर असंतोष जताया।

लिखा गया कि किराएदारों का सत्यापन कराने के बावजूद मकान मालिकों का चालान करना न्यायोचित नहीं है। ऐसे में पहले आवेदन के रिकार्ड से उसका मिलान होना चाहिए। भविष्य में सत्यापन कराने वालों का चालान न काटा जाए। 

आयोग के सचिव पंकज नैथानी ने बताया कि आयोग के पत्र का संज्ञान लेकर पुलिस महानिदेशक ने पुलिस कप्तानों को मकान मालिक का चालान करने से पहले नोटिस देने के निर्देश दिए है। चालान से पहले यह सत्यापित करा लिया जाए कि मालिक ने पूर्व में किराएदार अथवा नौकर को सत्यापन तो नहीं करा रखा। साथ ही मकान मालिक की उपस्थिति के बिना चालान की कार्रवाई किसी भी दशा में ना की जाए।
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