शीशमबाड़ा की जिस जमीन के रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर अन्य लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं, उस रिकॉर्ड का दिसंबर 2014 में मुआयना किया गया था। रिकार्ड का मुआयना करने वाले लोग भी जांच के दायरे में हैं।
मौजा शीशमबाड़ा स्थित जमीन का वर्ष 1956 का रिकॉर्ड तहसील देहरादून में रखा हुआ था। यहां पर जमीन के रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की गई है। रिकॉर्ड से पुरानी स्याही को खुरचकर नई स्याही से कुछ लोगों के नाम दर्ज कर दिए गए थे। एक शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने डिप्टी कलेक्टर मुख्यालय एनएस डांगी को जांच सौंपी थी।
मुआयना करने वालों पर भी शक की सुई
जांच में यह भी सामने आया है कि 17 दिसंबर 2014 को इस ग्राम के रिकार्ड का मुआयना किया गया था। मुआयना करने के प्रार्थनापत्र भी जांच में सामने आए हैं। मुआयना करने वालों पर भी शक की सुई जा रही है। हालांकि मुआयना करने वालों ने रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की या नहीं, यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा। इस बात की भी आशंका है कि किसी दूसरे ने गलत नाम से मुआयना कर लिया हो। इन सब बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
यह होता है मुआयना
कोई भी व्यक्ति निर्धारित शुल्क देकर रिकार्ड रूम में रखे राजस्व रिकॉर्ड को देख सकता है। इसके लिए आवेदक को एक प्रार्थनापत्र भी देना पड़ता है। इस प्रक्रिया को राजस्व की भाषा में मुआयना कहते हैं।