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‘शत्रु संपत्ति' है एसएसपी आवास की भूमि

Sun, 30 Mar 2014 10:52 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून स्थित एसएसपी आवास और गोपनीय कार्यालय की भूमि पर शांति देवी के मालिकाना हक जताने को कैबिनेट के निर्देश पर गठित जांच कमेटी ने गलत ठहराया है।
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मुकदमा दर्ज करने का निर्देश
कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यह जमीन ‘शत्रु संपत्ति’ है। जिला प्रशासन को इस जमीन को शत्रु संपत्ति इंद्राज करने और इस पर झूठा दावा जताने वाले लोगों पर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।

राजपुर रोड स्थित एसएसपी आवास और गोपनीय कार्यालय की भूमि 48 बीघा 15 बिस्वा है। इस जमीन पर शांति देवी ने मालिकाना हक बताया था। उनके अलावा भी कुछ और लोग इसे अपनी संपत्ति बताने में लगे थे।
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विवाद बढ़ा तो कैबिनेट के निर्देश पर गृह सचिव मंजुल कुमार जोशी के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की गई। कमेटी ने जांच पूरी करने के बाद जिला प्रशासन को पत्र भेजा है।

उपसचिव विक्रम सिंह यादव की ओर से जारी पत्र में बताया गया कि कमेटी ने 1312 फसली अभिलेखों की जांच की, जिसमें पता चला कि इस जमीन पर शांति देवी का स्वामित्व नहीं है।

भूमि शरीफ बेग के नाम दर्ज
समिति के मुताबिक यह भूमि शरीफ बेग के नाम दर्ज थी, जो देश विभाजन के बाद से देहरादून में नहीं रह रहे हैं। इसके चलते यह संपत्ति शत्रु संपत्ति घोषित की गई थी।

पत्र में एडीएम/एसडीएम सदर को इस भूमि को शत्रु संपत्ति इंद्राज कराने की कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। साथ ही उन लोगों के खिलाफ एफआईआर करने के लिए भी कहा गया है जो भूमि के स्वामित्व का दावा कर रहे थे।
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यह है शत्रु संपत्ति
वर्ष 1947 में भारत-पाक विभाजन के दौरान देशभर से हजारों लोग पाकिस्तान चले गए। ये भारत में अपनी संपत्ति छोड़ गए। इससे उनकी संपत्तियों पर मालिकाना हक के लिए विवाद बढ़ने लगा।

वर्ष 1968 में केंद्र सरकार ने बिल पास कर ऐसी संपत्तियों को अधिग्रहीत करना शुरू कर दिया। इन संपत्तियों को शत्रु संपत्ति नाम दिया गया।

यह है इंद्राज
किसी जमीन की स्थिति, खेवट संख्या, मालिकाना हक और संपत्ति का प्रकार आदि का ब्योरा जमीन के दस्तावेजों में अपडेट करने की प्रक्रिया इंद्राज कहलाती है।
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