सस्ती कीमत पर नहीं मिली संपत्ति तो बुन ड़ाला जाल
अर्चना ने बताया कि पिता के पास करीब सावे छह बीघा खेती की जमीन और मकान है। कुछ खेती की जमीन भू माफियाओं की प्लॉटिंग के बीच आ रही है। फिलहाल इन्होंने इसका रास्ता रोक रखा है। पहले इसे कम कीमत पर खरीदने का प्रयास किया गया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो इन्होंने मृतक की पत्नी संग मिलकर पूरी कहानी बुन डाली। मृतक की पत्नी को साजिश में शामिल कर मुकदमा शुरू कराया गया और अब इसमें मृत्यु प्रमाण पत्र के दांव से उलझन खड़ी कर विवादित बनाने और जमीन बेचने का दबाव बनाया जा रहा है।
दूसरे वार्ड के पार्षद के पत्र के आधार पर नगर निगम ने जारी कर दिया प्रमाण पत्र
आरकेडिया ग्रांट के निवर्तमान पार्षद के पत्र के आधार पर निगम की ओर से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया है। हालांकि प्रमाण पत्र में मौत की दिनांक तो सही बताई गई है, लेकिन स्थान गलत दर्शाया गया है। अर्चना ने बताया कि माफिया ने चंद्रबनी श्मशान घाट से मृतक के संस्कार की डुप्लीकेट रशीद के आधार पर गलत तथ्य दर्शाकर स्वास्थ्य विभाग से प्रमाण पत्र जारी करा लिया है। जबकि जिस पार्षद के पत्र के आधार पर प्रमाण पत्र जारी हुआ है वह मृतक के वार्ड से संबंधित ही नहीं है।
इस मामले में शिकायत प्राप्त हुई है, मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं, रिपोर्ट आते ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- सविन बंसल, डीएम-देहरादून