- देहरादून जिले के रायपुर क्षेत्र में भड़ासी ग्रांट, भोपालपानी, सोडा सरोली, मंजरी वाला, जगातखाना, मकरैली, रखौली में कृषि भूमि के सर्किल रेट बढ़ेंगे।
- हरर्बटपुर क्षेत्र में अकृषि भूमि के सर्किल रेट बढ़ेंगे।
- रुद्रपुर में गंगापुर-नगला रोड स्थित फुलसंगी में कृषि, किच्छा-महाराणा प्रताप रोड पर अकृषि भूमि के रेट बढ़ेंगे।
- हल्द्वानी में सहकारी बैंक से नवीन मंडी तक कृषि भूमि के सर्किल रेट में बढ़ोतरी की जाएगी।
- हरिद्वार और रुड़की के बीच सीमा पर और आसपास के कुछ क्षेत्रों में।
- टिहरी जनपद के चंबा-चोपड़ियाल सड़क में कृषि, गजा-राणाकोट सड़क पर अकृषि भूमि के रेट बढ़ेंगे।
- उत्तरकाशी में चिन्यालीसौड़, चमोली जिला में गडोरा, बाटला, रुद्रप्रयाग में मल्यासू मल्ला, तल्ला में भी सर्किल रेट बढ़ सकते हैं।
- अल्मोड़ा में सल्ट, भौंणखाल, मसरौंण, बागेश्वर में घटबगड़, मतरौला, सैंज, पिथौरागढ़ में डीडीघाट, कुमल्टा, टिकोट, मलान पिपली गांव।
- चंपावत, मल्ली, मंदाली, मांज गांव में कृषि, अकृषि व व्यावसायिक भूमि का सर्किल रेट बढ़ाए जा सकते हैं।
सरकार का बढ़ेगा राजस्व
यदि कोई व्यक्ति जमीन खरीदता है तो उसे स्टांप शुल्क के रूप में जमीन की कीमत का पांच प्रतिशत देना होता है। साथ ही दो प्रतिशत या अधिकतम 25 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस अलग से देनी होती है। वर्ष 2018-19 में सरकार को स्टांप व रजिस्ट्री शुल्क से 1135 करोड़ की आय प्राप्त हुई है। सर्किल रेट बढ़ने से सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।
इसके लिए स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की वेबसाइट
www.eregistration.uk.gov.in पर लॉग इन करना होगा। जिसके बाद सर्किट रेट ऑन जीआईएस पर क्लिक कर जिले का चयनकरना होगा। फिर तहसील के विकल्प का चयन कर संबंधित क्षेत्र व गांव के नाम पर क्लिक कर सर्किल रेट देखा जा सकेगा।
इस वेबसाइट को राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) ने तैयार किया है। जिसमें प्रदेश के सभी जिलों का जीआईसी मैपिंग के जरिये डाटा फीड किया गया है। अलग-अलग रंगों के सूचकांक से कोई भी व्यक्ति आसानी से प्रदेश के किसी भी क्षेत्र का सर्किल रेट आसानी से जान सकेगा।