गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार राजपथ पर सेनाओं की महिला अधिकारी परेड का हिस्सा बनेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर इस बार परेड की मुख्य संकल्पना ‘नारी शक्ति’ रखी गई है।
परेड में बतौर मुख्य अतिथि पहुंच रहे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को देश की बेटियां ताकत का अहसास कराएंगी। खास बात यह है कि परेड में दून की चार बेटियां भी कदमताल कर भारत के मजबूत कदमों का प्रदर्शन करेंगी।
नई दिल्ली में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में ओबामा के सामने देश की शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए इन दिनों तैयारियां जोरों पर हैं। ‘नारी शक्ति’ परेड में जाने वाली दून की सैन्य अधिकारियों में लेफ्टिनेंट प्रिया सेमवाल, लेफ्टिनेंट कनिका कुकरेती, कैप्टन शैली बिष्ट और कैप्टन सुनिधि शामिल हैं।
प्रेरणास्पद है लेफ्टिनेंट प्रिया सेमवाल की कहानी
देहरादून में जीएमएस रोड निवासी ले. कनिका आर्मी सप्लाई कोर में तैनात हैं, जबकि वसंत विहार निवासी कैप्टन शैली बिष्ट आर्मी सिग्नल कोर में हैं। धोरण गांव निवासी लेफ्टिनेंट प्रिया सेमवाल 603 ईएमई बटालियन लद्दाख में और कैप्टन सुनिधि आर्मी इंजीनियर्स लद्दाख में है।
दून की इन बेटियों का सपना आम युवतियों से इतर सेना की चुनौती भरी जिंदगी जीना था, जिसे अपनी मेहनत के दम पर इन्होंने पूरा भी किया। इन सबमें सबसे प्रेरणास्पद कहानी है लेफ्टिनेंट प्रिया सेमवाल की। प्रिया की शादी सैनिक से हुई, जिसके बाद वह घर चलाने में रम गई। लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था।
जून 2012 में प्रिया के पति नायक अमित शर्मा अरुणाचल प्रदेश में एक अभियान के दौरान शहीद हो गए। किसी आम गृहिणी की तरह प्रिया चाहती तो ‘वीर नारी’ के तौर पर घर संभालते हुए जीवन गुजार सकती थी, लेकिन उसने पति की तरह चुनौतियों से जूझने का रास्ता चुना।
प्रिया आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) चेन्नई पहुंची जहां से मार्च 2014 में वह बतौर लेफ्टिनेंट सेना से जुड़ी। अब प्रिया को गणतंत्र दिवस परेड के लिए चुना जाना जाहिर करता है कि उन्होंने लद्दाख में तैनाती के दौरान भी खुद को बेहतरीन सैन्य अधिकारी साबित किया है।
पहली बार हो रहा ऐसा
गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार तीनों सेनाओं (जल, थल व वायु) की महिला अधिकारी परेड करेंगी। 1990 में सैन्य बलों में महिलाओं की नियुक्ति शुरू हुई थी, अब तक वायु सेना में सर्वाधिक 1350, थल सेना में 1300 और नौसेना में 350 महिला अधिकारी तैनात हैं।
तीनों सेनाओं की कुल 148 महिला अधिकारी इस बार परेड में शामिल होंगी। इनमें से 144 मार्चपास्ट, तीन प्लाटून कमांडर के तौर पर रहेंगी, जबकि एक महिला अधिकारी इस टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। महिलाओं की इस टुकड़ी के अलावा परेड में पुरुष सैन्य अधिकारी भी हर बार की तरह शामिल होंगे।
सेना ने नवाजा, उत्तराखंड ने भुलाया
प्रदेश सरकार ने मार्च 2014 में प्रिया को तीलू रौतेली पुरस्कार देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक प्रिया या उनके परिजनों से संपर्क नहीं किया गया।
इस बीच कुछ समय पूर्व सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग की पत्नी की ओर से ले. प्रिया को एडब्ल्यूएए एक्सीलेंस अवार्ड से नवाजा गया। प्रिया के भाई प्रवेश ने बताया कि सरकार की अनदेखी से परिजन व्यथित हैं। कहा कि बहन को प्रदेश का यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दिलाने के लिए वह संघर्ष करेंगे।
सैन्य अधिकारी बनने के बाद मुझे खुशी का यह दूसरा पल मिला है। गणतंत्र दिवस पर होने वाली इस विशेष परेड के लिए खासतौर से कई मानकों पर पूर्ण रूप से फिट महिला अधिकारियों को बुलाया गया है। मैं इसका हिस्सा बनने पर गौरवान्वित महसूस कर रही हूं।
- लेफ्टिनेंट प्रिया सेमवाल, 603 ईएमई बटालियन