विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पॉजिटिव केस में कम से कम दो बार पुन: जांच पर रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही व्यक्ति को स्वस्थ कहा जाता है। बहरहाल, प्रशिक्षु आईएफएस का उपचार करने वाली डॉक्टरों की टीम रिपोर्ट से उत्साहित है। नोडल अधिकारी डॉ अनुराग अग्रवाल ने बताया कि मरीज को मलेरिया के इलाज में प्रयोग की जाने वाली कोलोरोक्वीन दी गयी थी।
बताया कि वायरस का असर मरीज के फेफड़ों में नहीं था। जो राहत देने वाली बात थी। मरीज पर पूरी नजर रखी जा रही है। इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट अकेडमी के एडिशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी ने बताया कि ट्रेनी आईएएस अफसर की रिपोर्ट निगेटिव आई है, उम्मीद है कि तीनों आईएफएस इलाज कराकर सकुशल अकेडमी में लौटेंगे। संस्थान के सभी अधिकारी, साथी आईएफएस अधिकारी व कर्मचारी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।