राजधानी देहरादून से 15 किमी दूर लच्छीवाला पिकनिक स्पॉट का गेट तीन दिन में पर्यटकों के लिए खुल जाएगा। वन विभाग ने पहले आचार संहिता का बहाना बनाकर गेट पर ताला लगा दिया था, लेकिन अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग हरकत में आया।
अमर उजाला ने सोमवार के अंक में ‘नाकामी वन विभाग की, छिपाई आचार संहिता में’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। वन विभाग की पोल खुली तो अधिकारी तुरंत हरकत में नजर आए।
पहले जब डीएफओ सुशांत पटनायक ने बात की गई तो उन्होंने साफ कहा कि यदि किसी भी कर्मचारी ने गेट पर आचार संहिता संबंधी नोटिस चस्पा किया है तो वह उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। लेकिन शाम होते-होते उन्होंने फोन कर बताया कि लच्छीवाला के रेंजर की गलती की वजह से वह नोटिस लग गया था।
अब नोटिस हटा लिया गया है। वन विभाग कागजी खानापूर्ति करने के बाद तीन दिन के भीतर लच्छीवाला गेट का ताला पर्यटकों के लिए खोल देगा। डीएफओ ने बताया कि विभाग टेंडर प्रक्रिया होने तक एंट्री गेट पर पर्ची बनाने और पार्किंग की जिम्मेदारी खुद संभालेगा। विभाग के कर्मचारियों को इसके लिए तैनात कर दिया जाएगा।
तीन दिन क्यों?
सवाल यह है कि विभाग को फिलहाल टेंडर की प्रक्रिया अपनानी ही नहीं है तो तीन दिन का समय क्यों। इसका जवाब अधिकारियों के पास भी नहीं है। पर्यटकों का दून आनाजाना शुरू हो गया है। पर्यटक प्रतिदिन लच्छीवाला गेट तक पहुंचकर निराश लौट रहे हैं। इससे न केवल राजस्व का नुकसान हो रहा है बल्कि पर्यटकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।