समय पर दूध पिलाया तो, तो गर्मी को देखते हुए समय- समय पर पानी दिया गया। शावक की हर हरकत पर वन विभाग की टीम ने ऐसे नजर रखी जैसे मां अपने बच्चे पर रखती है। झुंड नहीं मिलने की राह जब धुंधली पड़ी तो वन विभाग ने उसके सुरक्षित भविष्य को प्राथमिकता दी। इसके बाद बेहतर संरक्षण और देखभाल के लिए 19 अप्रैल की रात को चीला रेंज में भिजवाया गया।
प्रभागीय वन अधिकारी के दिशा निर्देशों के आधार पर हाथी के बच्चे के झुंड को तलाशने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी गई थी। वन विभाग ने नन्हें जीव को अपनापन दिया। चीला रेंज में नन्हें हाथी को सुरक्षित भिजवा दिया गया है।
- मेधावी कीर्ति, वन क्षेत्राधिकारी, लच्छीवाला।