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किशोरी उत्पीड़न मामला: प्रधानाचार्य पर दर्ज होगा केस, कार्रवाई न करने पर चमोली पुलिस से जवाब तलब

Wed, 09 Jan 2019 08:31 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : pexels.com
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जोशीमठ की किशोरी के उत्पीड़न के मामले में पुलिस मुख्यालय ने देहरादून पुलिस को केंद्रीय विद्यालय ओएनजीसी की प्रधानाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही किशोरी के बयान दर्ज करने के बावजूद जीरो एफआईआर दर्ज न करने वाली चमोली पुलिस से जवाब तलब किया गया है। प्रधानाचार्य पर आरोप है कि उन्होंने किशोरी को डेढ़ साल तक बात-बात पर मारा पीटा और तमाम लांछन लगाए। 

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पीड़ित किशोरी ने पिछले दिनों बाल अधिकार संरक्षण आयोग को आठ पन्नों का पत्र लिखकर शिकायत की थी। वर्तमान में किशोरी अपने घर जोशीमठ (चमोली) में रह रही है। उसका देहरादून में कोई रिश्तेदार भी नहीं है। ऐसे में आयोग ने चमोली पुलिस को मामले में कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। आयोग के पत्र के बाद जोशीमठ पुलिस ने पीड़ित किशोरी के बयान तो दर्ज कर लिए, मगर कार्रवाई नहीं की। किशोरी को यह कहकर टाल दिया गया कि घटनाक्रम देहरादून का है लिहाजा वह मुकदमा देहरादून में ही दर्ज करा सकती है।

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जवाब आने के बाद उचित विभागीय कार्रवाई की जाएगी

इस पर नाराजगी जताते हुए बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने सोमवार को पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार को भी पत्र लिखा था। पत्र का संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने जोशीमठ पुलिस की प्राथमिक जांच के आधार पर देहरादून पुलिस को मुकदमा दर्ज कर रिपोर्ट मुख्यालय को प्रेषित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि चमोली पुलिस का रवैया गैर जिम्मेदाराना रहा है। लिहाजा चमोली पुलिस से जवाब तलब किया गया है। जवाब आने के बाद उचित विभागीय कार्रवाई की जाएगी। 

ये है मामला 
पीड़िता के बयान और पत्र के अनुसार प्रधानाचार्य अंशुम शर्मा किशोरी को पढ़ाई और पालन पोषण के लिए देहरादून लाईं थी। लेकिन, उन्होंने न तो उसका दाखिला कराया और न ही घर पर उसे पढ़ाया। आरोप है कि उन्होंने उससे तमाम बातों को लेकर मारपीट की और पति को लेकर लांछन भी लगाए। इन सब बातों से तंग आकर किशोरी ने एक बार अपने हाथ की नस भी काट ली थी। किशोरी के परिवार में तीन बहनें और एक भाई है। बताया जा रहा है कि उसके पिता अपनी कमाई से सभी बच्चों का लालन पालन करने में भी असमर्थ हैं। इसी बात का झांसा देकर अंशुम शर्मा उसे देहरादून लेकर आई थीं।
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