इस पर नाराजगी जताते हुए बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने सोमवार को पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार को भी पत्र लिखा था। पत्र का संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने जोशीमठ पुलिस की प्राथमिक जांच के आधार पर देहरादून पुलिस को मुकदमा दर्ज कर रिपोर्ट मुख्यालय को प्रेषित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि चमोली पुलिस का रवैया गैर जिम्मेदाराना रहा है। लिहाजा चमोली पुलिस से जवाब तलब किया गया है। जवाब आने के बाद उचित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
ये है मामला
पीड़िता के बयान और पत्र के अनुसार प्रधानाचार्य अंशुम शर्मा किशोरी को पढ़ाई और पालन पोषण के लिए देहरादून लाईं थी। लेकिन, उन्होंने न तो उसका दाखिला कराया और न ही घर पर उसे पढ़ाया। आरोप है कि उन्होंने उससे तमाम बातों को लेकर मारपीट की और पति को लेकर लांछन भी लगाए। इन सब बातों से तंग आकर किशोरी ने एक बार अपने हाथ की नस भी काट ली थी। किशोरी के परिवार में तीन बहनें और एक भाई है। बताया जा रहा है कि उसके पिता अपनी कमाई से सभी बच्चों का लालन पालन करने में भी असमर्थ हैं। इसी बात का झांसा देकर अंशुम शर्मा उसे देहरादून लेकर आई थीं।