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उत्तराखंड: एलआईयू इंस्पेक्टर को हटाया, एसआईटी प्रमुख का भी तबादला

Wed, 09 Jan 2019 08:30 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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raipur police station - फोटो : amar ujala
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कई अहम मौके पर खुफिया सूचनाएं देने में विफल रहे एलआईयू इंस्पेक्टर देहरादून बलवंत सिंह को अभिसूचना मुख्यालय ने हटा दिया है। नवंबर और दिसंबर में रायपुर थाना और कांग्रेस भवन में हुए बवाल को भी उनकी विफलता से जोड़कर देखा जा रहा है। अब देवेंद्र सिंह नेगी को एलआईयू देहरादून की कमान दी गई है। वे पहले भी यह जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 

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निकाय चुनावों के बाद रायपुर थाने में भाजपाइयों ने हंगामा किया था। इस दौरान कांग्रेसी और भाजपाइयों में जमकर मारपीट और बवाल हुआ था। कुछ दिनों बाद ही दिसंबर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन राजपुर रोड पर हल्ला बोला था। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की कार्यकर्ताओं से भिड़ंत हुई थी। मामले में कैंट थाने के दारोगा को निलंबित भी करना पड़ा। बताया जा रहा है कि इन दोनों मामलों में प्राथमिक जांच में पाया गया कि एलआईयू को समय पर सूचनाएं नहीं मिली थीं। खुफिया तंत्र से यदि समय पर सूचनाएं मिल जातीं तो इस बवाल को रोका जा सकता था। इसी का खामियाजा बलवंत सिंह को भुगतना पड़ा। सोमवार को अभिसूचना मुख्यालय से जारी तबादला सूची में उनका नाम भी चढ़ गया। देहरादून में लंबे समय से रहे बांग्लादेशियों की सूचना नहीं मिलने को भी एलआईयू की विफलता से जोड़कर देखा जा रहा है। 

इनके भी हुए तबादले 
निरीक्षक होशियार चंद चंपावत से एलआईयू चंपावत में नियुक्त किया गया है। श्यामदत्त नोटियाल को एलआईयू टिहरी से एसआईओएस देहरादून, ज्योति पसबोला एलआईयू देहरादून से अभिसूचना मुख्यालय, मनोज असवाल एसईओ उत्तरकाशी से एलआईयू पौड़ी, रमेश सजवाण एसपी क्षेत्रीय कार्यालय से एलआईयू टिहरी, रविंद्र बिजल्वाण एसआईओ देहरादून से मुख्यालय, सुंदर घनघरिया एलआईयू पौड़ी से राजभवन सुरक्षा और संतोष को मंडलाधिकारी रुद्रपुर से एसआईओ हल्द्वानी बनाया गया है।

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छात्रवृत्ति घोटाला: एसआईटी प्रमुख का भी तबादला

करीब 500 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रहे एसआईटी प्रमुख आईपीएस अफसर मंजूनाथ टीसी का तबादला कर दिया गया है। उन्हें देहरादून से करीब 250 किमी दूर चमोली के पुलिस अधीक्षक के पद पर भेजा गया है। मंजूनाथ हरिद्वार में पुलिस अधीक्षक यातायात के पद पर तैनात थे और छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में तेजी से आगे बढ़ रहे थे। 

इस मामले की जांच में समाज कल्याण विभाग और जनजाति कल्याण विभाग की ओर से उन्हें सहयोग नहीं किया जा रहा था। इस बारे में उन्होंने नैनीताल उच्च न्यायालय में बाकायदा एक हलफनामा तक दिया था। न्यायालय ने उन्हें जांच जारी रखने और सरकार को जांच में सहयोग करने के आदेश दिए थे। लेकिन मंजूनाथ के हलफनामे के बाद शासन के स्तर पर उन्हें बदले जाने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। ये चर्चाएं मंगलवार को सही साबित र्हुइं। शासन ने जांच में आगे बढ़ रहे अधिकारी का तबादला कर दिया। 

जांच दबाने की कोशिश तो नहीं
छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में तेजी से आगे बढ़ रहे अफसर को दरकिनार किए जाने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि कहीं इस पूरे घोटालेे को दबाने की कोशिश तो नहीं हो रही है। ये संदेह इसलिए भी पैदा हो रहा है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के आदेश के बावजूद एक साल तक एसआईटी का गठन नहीं हो पाया था। एसआईटी बनी तो संबंधित विभागों से उसे जांच के लिए जरूरी दस्तावेज देने से यह कहकर इंकार कर दिया कि मुख्यमंत्री ने जिस शिकायती पत्र पर जांच के आदेश दिए थे, उसके दायरे में कुछ ही संस्थान हैं। अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण की अध्यक्षता में हुई गृह विभाग की संयुक्त बैठक में जांच को शिकायत तक सीमित रखने का निर्णय लिया गया था। घोटाले की जांच को लेकर अदालत में गए रविंद्र जुगरान ने शासन के इस कदम को जांच को प्रभावित करने की कवायद करार दिया था। अब जबकि मंजूनाथ टीसी का तबादला कर दिया गया तो अब छात्रवृत्ति घोटाले की जांच की रफ्तार पर ब्रेक की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। ‘अमर उजाला’ रविवार के अंक में ‘जिसने सख्ती दिखाई, उसकी हुई विदाई’ शीर्षक से पहले ही खुलासा कर चुका है कि जिस अफसर ने छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में तेजी दिखाई, उसे बदल दिया गया।

छात्रवृत्ति घोटाले की जांच को नई एसआईटी
छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी के प्रभारी आईपीएस टीसी मंजूनाथ के तबादले के साथ पुलिस मुख्यालय ने नई एसआईटी का गठन कर दिया है। पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल की अगुवाई में गठित एसआईटी में डीआईजी, तीन एसपी और एक सीओ को शामिल किया गया है। एसआईटी प्रदेशभर में 2011 से छात्रवृत्ति वितरण में गड़बड़ी की शिकायताें की जांच करेगी।

गृह सचिव के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार रात प्रदेशभर में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच को लेकर एसआईटी का गठन कर दिया है। पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि प्रदेश के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल की अगुवाई में एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी में डीआईजी एसटीएफ रिधिम अग्रवाल के अलावा देहरादून की एसपी सिटी श्वेता चौबे, हरिद्वार की एसपी सिटी ममता बोहरा, ऊधम सिंह नगर की एसपी कमलेश उपाध्याय, नैनीताल के सीओ लोकजीत को शामिल किया गया है। एसआईटी 2011 से छात्रवृत्ति घोटाले की शिकायतों की जांच करेगी। उन्होंने बताया कि नई एसआईटी बुधवार से अस्तित्व में आ जाएगी। इस एसआईटी को अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जाति के बच्चों की बांटी गई छात्रवृत्ति की जांच करेगी। एसआईटी को इस मामले की जांच रिपोर्ट तीन माह में देने को कहा गया है।
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