वन विभाग हाथियों के हमले से जानमाल के नुकसान पर सालाना करीब चालीस लाख रुपये मुआवजा भी देता है। इसमें हाथी के हमले में आश्रित को तीन लाख, गंभीर घायल को पचास हजार और मामूली घायल को 15 हजार रुपये दिया जाता है। जबकि अलग-अलग फसलों और उसके रकबे के हिसाब से मुआवजा निर्धारित है।
मैन पावर, मैटेरियल और प्लानिंग से कुछ भी असंभव नहीं
महाकुंभ से पहले वन विभाग के तीन किमी लंबी और दो मीटर ऊंची दीवार निर्माण पूरा करने का दावा शहर के कई लोगों के गले नहीं उतर रहा है। हालांकि, कुंभ प्रशासन के तकनीकी सेल के अधीक्षण अभियंता हरीश पांगती का कहना है कि असंभव कुछ भी नहीं है।
मैन पावर, मैटेरियल और प्लानिंग से तीन किमी की दीवार महाकुंभ शुरू होने से पहले आसानी से बनाई जा सकती है। एक किमी दीवार बनाने में पचास मजदूरों की जरूरत पड़ेगी। हरिद्वार में तेजी से होने वाले कार्य उदाहरण हैं। सामान्य दिनों में महीने भर में होने वाले कार्य एक सप्ताह में कराए जा रहे हैं। दो शिफ्टों में कार्य हो रहा है। 31 दिसंबर तक महाकुंभ से जुड़े सभी कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।
पत्थरों की दीवार एक-एक किमी लंबी तीन अलग-अलग टुकड़ों में बनाई जाएगी। डीपीआर इसी सप्ताह तक स्वीकृत हो जाएगी। तीनों टुकड़ों का ठेका अलग-अलग संस्थाओं को दिया जाएगा, ताकि निर्माण तेजी से हो सके।
- नीरज कुमार, डीएफओ