सोमवती अमावस्या के शाही स्नान के दौरान बैरागी अखाड़ों के संतों के साथ ही उनके अनुयायियों की संख्या भी काफी थी। इसके चलते स्नान में देरी हो गई थी। साथ ही वाहनों की संख्या भी ज्यादा थी। ऐसे में बुधवार को होने वाले स्नान के दौरान बैरागी संतों का शाही जुलूस छोटा होगा रहा। साथ ही वापसी के मार्ग में भी आंशिक बदलाव किया गया।
सोमवार केे हुए शाही स्नान के दौरान बैरागी संतों के साथ ही उनके अनुयायियों की संख्या भी शाही जुलूस में बहुत ज्यादा थी। इसके चलते बैरागी संतों का स्नान देर से हुआ और श्रीपंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े के संतों को स्नान में देरी हो गई थी। इसके चलते संत शंकराचार्य चौक पर धरने पर बैठ गए थे। बाद में मेला पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें समझा-बुझाकर स्नान के लिए भेजा। इसको लेकर मंगलवार के बैरागी अखाड़ों के संतों के साथ मेला पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों की बैठक हुई।
बैठक में कहा गया कि शाही जुलूस के दौरान इस बार वाहनों की संख्या कम रहेगी। जुलूस में शामिल लोगों के अखाड़ों की ओर से पास जारी किए जाएंगे। जिन लोगों पर पास नहीं मिलेगा उन्हें पुलिसकर्मी जुलूस से बाहर निकाल देंगे। साथ ही जुलूस में चार पदाधिकारी मौजूद रहेंगे जो जुलूस की जानकारी देंगे। इसके बाद के पीछे आने वाले गृहस्थों को हरकी पैड़ी के पास वाले घाटों पर स्नान कराया गया।