सोमवती अमावस्या के शाही स्नान पर कुंभ मेला पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हरकी पैड़ी पर स्नान करने के लिए कुछ राहत दे दी है। श्रद्धालु हरकी पैड़ी पर सुबह सात बजे तक स्नान कर सकेंगे। इसके बाद आम श्रद्धालु हरकी पैड़ी क्षेत्र पर नहीं जा पाएंगे और क्षेत्र अखाड़ों के संतों के स्नान के लिए आरक्षित होगा।
रविवार देर रात आअईजी संजय गुंज्याल ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शहर के अंदर चौपहिया वाहन, आटो व ई-रिक्शाओं को देवपुरा चौक से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। शाही स्नान के दौरान जाने वाले वाहनों की संख्या 100 से ज्यादा नहीं होगी। इसके साथ ही हाथी एवं घोड़ों की संख्या भी कम रहेगी। महामंडलेश्वर अपने साथ 25 से ज्यादा भक्तजन नहीं ले जा सकेंगे। वहीं जुलूस में पांच से ज्यादा बैंड डीजे वाले नहीं होंगे। संजय सेतू पर कोई भी अखाड़ा खड़ा नहीं होगा।
साधु-संतों के साथ नियुक्त गनर पुल नंबर एक से प्रवेश कराने के बाद पुलिस नंबर चार पर पहुंचेंगे। क्योंकि पुलिसकर्मी चमड़े की बेल्ट व जूते पहने रहते हैं। जिसके चलते वह ब्रह्मकुंड पर नहीं जा सकेंगे। कोई भी विदेशी फोटोग्राफर साधु-संतों के साथ नहीं जाएगा। शाही स्नान के जुलूस के दौरान पारंपरिक अस्त्रों के अलावा कोई भी अन्य अस्त्र-शस्त्र नहीं ले जा पाएंगे। जुलूस में शामिल होने वाले सभी जानवरों को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी स्वयं आयोजकों की होगी।
1- श्री निरंजनी अखाड़ा
सुबह 8.30 बजे छावनी से संत शाही स्नान के लिए प्रस्थान करेंगे। 8.45 बजे शंकराचार्य चौक, 9.15 बजे चंडी घाट चौराहा पहुंचेेंगे। 9.40 बजे रोड़ी में सामान रखेंगे। 10 बजे शॉल पुल होकर 10.15 बजे ब्रह्मकुंड में प्रवेश करेंगे। 10.45 बजे तक स्नान करेंगे और 11.05 बजे रोड़ी पहुंचेंगे। 11.35 बजे केशव आश्रम तिराहे से शंकराचार्य चौक होकर 12.55 बजे अखाड़ा पहुंचेंगे।
2- जूना, अग्नि और आह्वान अखाड़ा
सुबह 8.30 बजे स्नान के लिए छावनी से जाएंगे और 9.20 बजे शंकराचार्य चौराहा पहुंचेंगे। 9.50 बजे चंडी घाट चौराहा पहुंचेंगे और 10.15 बजे रोड़ी में सामान रखेंगे। 10.35 बजे शॉल पुल से होकर 10.50 बजे ब्रह्मकुंड पहुंचेंगे। 11.20 बजे तक स्नान करेंगे और 11.40 बजे रोड़ी छावनी में वापस लौटेंगे। 12.15 बजे अखाड़ा चले जाएंगे।
3- महानिर्वाणी अखाड़ा
9.30 बजे संत छावनी से प्रस्थान करेंगे। 10.10 बजे शंकराचार्य चौक और 10.40 चंडी घाट पहुंचेंगे। 11.05 बजे रोड़ी में सामान रखने के बाद शॉल पुल से होकर 11.50 बजे ब्रह्मकुंड पहुंचेंगे। 12.20 बजे तक स्नान करेंगे और 12.40 बजे रोड़ी क्षेत्र पहुंचेंगे। 01 बजे दोपहर केशव आश्रम तिराहे से होकर 1.40 बजे अखाड़ा पहुंचेंगे।
4- श्री निर्माणी, दिंगबर और निर्मोही अणि अखाड़ा
तीनों अखाड़ों के संत 10.30 बजे प्रस्थान करेंगे और 11.15 बजे चंडी घाट पहुंचेंगे। 11.55 बजे रोड़ी में सामान रखेंगे और शॉल पुल होकर 12.40 बजे ब्रह्मकुंड जाएंगे। 1.30 बजे तक स्नान करेंगे और दो बजे रोड़ी पहुंचेंगे। 3.10 बजे अखाड़ा पहुंचेंगे।
5- श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन
12 बजे संत प्रस्थान करेंगे और एक बजे शंकराचार्य चौक होकर 1.30 बजे चंडी घाट पहुंचेंगे। 2.10 बजे रोड़ी में सामान रखने के बाद 2.50 बजे ब्रह्मकुंड पहुंचेंगे। 3.20 तक स्नान करने के बाद 3.40 बजे रोड़ी पहुंचेंगे और 4.30 शंकराचार्य चौक होकर अखाड़ा जाएंगे।
6-श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन
अखाड़े के संत 2.25 बजे प्रस्थान करेंगे और 3.25 बजे चंडी घाट जाएंगे। चार बजे रोड़ी से होकर 4.50 बजे ब्रह्मकुंड पहुंचेंगे। 5.05 बजे तक स्नान करने के बाद 5.25 बजे रोड़ी वापस पहुंचकर 6.35 बजे अखाड़ा पहुंच जाएंगे।
7- श्री निर्मल अखाड़ा
2.15 बजे प्रस्थान करने के बाद 3.40 बजे चंडी घाट पहुंचेंगे। 4.20 बजे रोड़ी से होकर पांच बजे ब्रह्मकुंड पहुंचेंगे। 5.25 बजे तक स्नान होगा और 5.50 बजे रोड़ी वापस आकर सात बजे अखाड़ा जाएंगे।
आईजी कुंभ संजय गुंज्याल ने कहा कि शाही स्नानों के दिन हाईवे को जीरो जोन रखा जाएगा। इसके साथ ही हरकी पैड़ी पर होने वाली शाम की गंगा आरती में भी श्रद्धालु शामिल नहीं हो पाएंगे।
आईजी कुंभ मेला संजय गुंज्याल ने कहा कि 12 से 14 अप्रैल तक लगातार स्नान पर्व हैं। 12 अप्रैल को दूसरा शाही स्नान, 13 अप्रैल को नव संवत और 14 अप्रैल को बैशाखी के दिन तीसरा शाही स्नान है। जिसमें सभी 13 अखाड़ों के साधु-संत स्नान करने के लिए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि स्नान के शाही जुलूस हाईवे से गुजरेगा। इसलिए हाईवे पर वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित करके जीरो जोन घोषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि हरकी पैड़ी, ब्रह्मकुंड और आसपास के गंगा घाटों पर श्रद्धालु स्नान नहीं कर पाएंगे।
यह घाट अखाड़ों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसलिए श्रद्धालु पार्किंग के आसपास के घाटों पर ही स्नान करें। उन्होंने बताया कि शाही स्नान के दिन शाम तक अखाड़ों के संत स्नान करते हैं। इसलिए हरकी पैड़ी शाम के समय होने वाली आरती में आम श्रद्धालुओं को शामिल होने की इजाजत नहीं होगी।