सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साधु संतों को प्रथम स्नान की अनुमति मकर संक्रांति को देवप्रयाग संगम व दूसरे स्नान के लिए संतों को बसंत पंचमी को ऋषिकेश के त्रिवेणी संगम पर अनुमति दी गई है।
गोपाल गिरी ने बताया कि 14 जनवरी की सुबह 8 बजे संगम घाट पर साधु संतों द्वारा छड़ी पूजन के साथ मां गंगा की पूजा अर्चना की जाएगी। और फिर सभी संतों द्वारा गंगा में डुबकी लगाई जाएगी।
इस मौके पर कबीर चौरा आश्रम प्रदेश अध्यक्ष महंत कपिल मुनी, पंच नाम जूना अखाड़ा स्वामी इंदर गिरी, गौरी शंकर मंदिर के महंत राकेश गिरी, षड्दर्शन साधु समाज के महामंत्री कपिल महाराज, तीर्थ पुरोहित उत्तम भट्ट, सुभाष ध्यानी, विक्रम सिंह, एसआई हिमांशु कौशिक आदि मौजूद थे।