सिंचाई खंड रुड़की की ओर से नारसन बॉर्डर से धनौरी के जटवाड़ा पुल तक 35 किमी लंबी कांवड़ पटरी की चौड़ाई के लिए ई टेंडर जारी हुआ था। दो चरणों में जारी हुए बजट के तहत चौड़ीकरण के लिए प्रथम चरण में 18.1 करोड़ और सड़क निर्माण के लिए दूसरे चरण में 38.06 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई थी।
काश! शहर के भीतर भी बनें ऐसी ही सड़कें
गंगनहर पटरी के चौड़ीकरण के बाद मक्खन सी सड़क पर वाहन फर्राटा भर रहे हैं। इससे शहर के लोगों में खुशी है। चकाचक सड़क को देखकर लोग कह रहे हैं कि शहर के भीतर भी इसी तरह की सड़कें बनाई जानी चाहिए। व्यापारी नेता नवीन गुलाटी का कहना है कि शहर में सड़कें खानापूर्ति के लिए बनाई जाती हैं। चंद महीनों बाद ही बजरी उखड़ने लगती है, जगह-जगह गड्ढे बन जाते हैं। जिस तरह से कांवड़ पटरी का निर्माण हुआ है, उससे शहर में सड़क निर्माण कराने वाले विभागों को सीख लेनी चाहिए।
ई टेंडर के दौरान नौ बाहरी कंपनियों ने आवेदन किया था। कार्य की गुणवत्ता के लिए विभागीय अभियंताओं ने दिनरात मेहनत की है। प्रयास किया गया है कि गुणवत्ता में कोई कमी न रहे। धनौरी में जटवाड़ा पुल के पास छह किमी का काम रह गया है, यह भी दस दिन में पूरा कर लिया जाएगा। रुड़की में निर्माण कार्य पूरा करने के बाद मार्ग को आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।
-अतर सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड रुड़की