पुलिस-प्रशासन वर्षों से यातायात प्लान को लेकर माथापच्ची कर रहा है। महाकुंभ में यातायात सुचारु करने के लिए ही दिल्ली-हरिद्वार हाईवे, फोरलेन और बाईपास के निर्माण कराए गए, लेकिन यातायात प्लान के हिसाब से इस फोरलेन की एक साइड पर भीड़ होगी तो दूसरी साइड खाली रहेगी। ऐसे में पुलिस-प्रशासन के इस प्लान पर सवाल उठ रहे हैं।
मंगलौर से हरिद्वार तक हाईवे, बाईपास और फोरलेन का काम पूरा होने के बाद अब जाम की समस्या लगभग खत्म हो चुकी है। फोरलेन पर दोनों ओर से वन-वे ट्रैफिक की सुविधा मिलने से जाम का कोई कारण नहीं रह गया है। बावजूद इसके पुलिस-प्रशासन दिल्ली से आने वाले वाहनों को हाईवे से ले जाने के लिए तैयार नहीं है। इन वाहनों को बदहाल पड़े लंढौरा-लक्सर मार्ग से गुजारने का प्लान तैयार किया गया है। ऐसी स्थिति में मंगलौर से हरिद्वार तक हाईवे की बाईं लेन खाली रहेगी और हरिद्वार से दिल्ली जाने वाले वाहन दाईं लेन से जा सकेंगे। ऐसे में पुलिस-प्रशासन की ओर से शाही स्नानों के लिए तैयार रूट प्लान किसी की समझ में नहीं आ रहा है।
लक्सर मार्ग पर रहेगा भारी दबाव
यातायात प्लान की खामियों की बात करें तो दिल्ली जाने वाले हल्के और भारी वाहनों को लक्सर से गुजरना है। प्लान के मुताबिक, वाया पुरकाजी हरिद्वार जाने वाले हल्के वाहन और नगला इमरती से लंढौरा मार्ग के जरिये हरिद्वार पहुंचने वाले भारी वाहन लक्सर में बस स्टैंड के पास टी प्वाइंट पर मिलेंगे। दो रूटों से लक्सर मार्ग पर पहुंचने वाले वाहनों से भारी दबाव बनेगा। अगर महाकुंभ में वाहनों का रेला उमड़ता है तो यह भारी परेशानी का सबब बन सकता है।
हरिद्वार में फोरलेन हाईवे का पूरा हिस्सा पुल पर नहीं है। इसके चलते कई प्वाइंट ऐसे हैं, जहां कुंभ में बड़ी संख्या में आने वाले वाहनों के फंसने का खतरा बना हुआ है। सभी वाहनों को बिना जाम के पार्किंग तक ले जाना चुनौती है। इसी के चलते वाहनों को अलग-अलग रूट से हरिद्वार लाने की योजना बनाई गई है। वापसी करने वाले सभी जगहों के वाहनों को दिल्ली-हरिद्वार हाईवे से ही भेजा जाएगा।
-प्रदीप कुमार राय, एसपी ट्रैफिक, हरिद्वार