शाही स्नान की तैयारियों को लेकर मेलाधिकारी दीपक रावत एवं एसएसपी कुंभ जन्मेजय खंडूरी ने शनिवार को दक्ष पार्किंग, बैरागी, गौरीशंकर, चंडीघाट सेक्टर का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि शाही स्नान पर श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ेगा। इसलिए व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मेलाधिकारी दक्ष पार्किंग पहुंचे और लक्सर एवं दिल्ली से आने वाली गाड़ियों की पार्किंग के संबंध में विचार-विमर्श किया। मेलाधिकारी बैरागी कैंप और गौरीशंकर दीप निरीक्षण बाद बिजनौर, मुरादाबाद, नैनीताल जाने वाली रोड श्यामपुर तिराहा क्रॉसिंग पहुंचे। वहां बसों को पार्किंग कराने के बाद श्रद्धालुओं को शटल बस की सेवा सुचारु कराने पर चर्चा की।
दीपक रावत ने चंडीपुल के नीचे अस्थाई पुलों एवं घाटों का निरीक्षण भी किया। भीड़ बढ़ने पर अस्थाई घाटों पर श्रद्धालुओं को स्नान कराने एवं गंगा में जलस्तर पर चर्चा की। मेलाधिकारी ने चंडीपुल चौकी के पास रैंप का भी निरीक्षण किया। जहां से श्रद्धालु चंडीघाट में अस्थाई पुल होकर गौरीशंकर पार्किंग जा सकेंगे। निरीक्षण के बाद चंडीपुल के नीचे निवास करने वाले मिर्ची बाबा, महंत भोलागिरि के दर्शन किए। इस दौरान मनीष सिंह सेक्टर मजिस्ट्रेट सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
हरिद्वार आने वाली आरक्षित ट्रेनें चलती रहेंगी
रेलवे और मेला प्रशासन की आपसी सहमति से हरिद्वार पहुंचने वाली सभी आरक्षित गाड़ियां पहले की तरह चलेंगी। ज्वालापुर स्टेशन पर पांच से दस मिनट का अतिरिक्त ठहराव (स्टॉपेज) दिया जाएगा। इसके साथ ही शाही स्नान कर वापस जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अनारक्षित ट्रेनें भी चलाई जाएंगी।
उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल की प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा ने बताया कि मेला प्रशासन की मांग पर हरिद्वार से अनारक्षित ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि कुंभ मेला में आने वाले श्रद्धालु अपने साथ पंजीकरण एवं आरटीपीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट लाएं। इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सभी को हरिद्वार आने से पहले दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा। संवाद