महाकुंभ की अधिसूचना जारी होने के बाद सोमवार को पहले शाही स्नान पर सरकारी व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की कड़ी परीक्षा होगी। महाकुंभ को लेकर प्रदेश सरकार ने अभी तक दो तरफा रणनीति अख्तियार की हुई है।
एक तरफ कुंभ को भव्य बनाने और किसी के आने में कोई रोक न होने की बात की जा रही है। केंद्रीय अधिकारी कुंभ के सुपर स्प्रेडर बन जाने की आशंका जताते हुए सख्त प्रतिबंध की पैरवी कर रहे हैं। अभी तक दो शाही स्नान हो चुके हैं और सोमवती अमावस्या के धार्मिक महत्व को देखते हुए स्थानार्थियों के भारी संख्या में जुटने का अनुमान है। इससे पहले के स्नान में 28 लाख लोग कुंभ पहुंचे थे। साफ है कि सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का हरिद्वार पहुंचना भी तय है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन का दबाव मेला प्रशासन पर रहेगा।
दूसरी ओर, कोरोना संक्रमण का ग्राफ प्रदेश में लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को भी 1333 मामले सामने आए और इसमें से सबसे अधिक मामले देहरादून और हरिद्वार के ही हैं। अभी हरिद्वार में कुछ और स्नान होने बाकी हैं और इस वजह से सोमवार के स्नान को टेस्ट रन के रूप में भी देखा जा रहा है। हरिद्वार कुंभ की अधिसूचना जारी होने के बाद यह पहला शाही स्नान है। ऐसे में एसओपी का पालन भी सरकारी विभागों को कराना होगा। एसओपी में आरटीपीसीआर टेस्ट की 72 घंटे की निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता है। ऐसे में सीमा पर रिपोर्ट जांच से लेकर कोविड की जांच की व्यवस्था में भी मेला प्रशासन को खासा पसीना बहाना होगा।
मुख्यमंत्री ने सोमवती अमावस्या की दी बधाई
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भगवान शिव की आराधना की प्रतीक पुण्यदायी मौनी और सोमवती अमावस्या की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि भगवान गौरीशंकर के आशीर्वाद से सभी के जीवन में हमेशा सुख-शांति बनी रहे। कुंभ को भव्य, दिव्य और सुरक्षित बनाने की दिशा में हम निरंतर कार्य कर रहे हैं। इस पावन अवसर पर कुंभ में गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करें। हमने बॉर्डर पर आरटीपीसीआर की व्यवस्था करवाई है।
बाहर से आने वाले सभी श्रद्धालुओं को टेस्टिंग के बाद ही स्नान के लिए आगे भेजा जा रहा है। कुंभ 12 साल में एक बार आता है इसलिए सभी श्रद्धालुओं और साधु-संतों के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही उन्होंने आग्रह है कि कोविड को लेकर केंद्र सरकार ने निर्धारित की गई गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन अवश्य करें।
शाही स्नानों के लिए पूरी व्यवस्था की जा चुकी है। मास्क, सेनेटाइजेशन किट आदि की पूरी व्यवस्था है और इसकी कोई कमी नहीं है। नियमों का पालन करते हुए प्रदेश सरकार की ओर से कुंभ को भव्य बनाने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
-तीरथ सिंह रावत, मुख्यमंत्री उत्तराखंड