सभी घाटों का कुल मिलाकर क्षेत्रफल लगभग 1.97 लाख वर्गमीटर है। इसी क्षेत्रफल के आधार पर औसत श्रद्धालुओं की संख्या आंकी गई है। ज्यादातर भीड़ मकर संक्रांति और बाद में शाही स्नानों पर होती है। महाकुंभ में फोर्स कितनी तैनात होनी है इस पर भी जल्द फैसला हो जाएगा।
एक तिहाई सेक्टर घटाए गए, अब कुल 24
आईजी ने बताया कि पहले महाकुंभ में मेलाक्षेत्र कुल 32 सेक्टरों में बंटा था। 2021 के महाकुंभ के लिए 40 सेक्टर बनाने की तैयारी की जा रही थी। लेकिन, कोविड के चलते इन सेक्टरों को घटाकर 24 कर दिया गया है। महाकुंभ में ऋषिकेश व आसपास का क्षेत्र रिजर्व रहेगा। जरूरत पड़ने पर इन सेक्टरों को भी खोल दिया जाएगा।
महाकुंभ में स्नान के लिए लगभग 107 घाट तैयार किए गए हैं। भारत सरकार के मानकों के अनुसार 1.8 मीटर की सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है। लिहाजा, घाटों के कुल क्षेत्रफल के आधार पर हर दिन में लगभग 55 लाख श्रद्धालु स्नान कर सकते हैं। इनकी संख्या अन्य क्षमताओं को देखते हुए घटाई भी जा सकती है।
- संजय गुंज्याल, आईजी कुंभ मेला