पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार, सरकार होती है। पोजिशन व्यक्ति की बदलती रहती है। कोई भी सरकार यदि उसमें लिप्त है तो उसकी जांच का विधान है। अच्छी एजेंसी से जांच कराकर स्पष्ट हो जाना चाहिए कि कब की गड़बड़ है और किसकी गड़बड़ है। सुसंगत धाराओं में ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
कांग्रेस ने साधा निशाना, आंदोलन की दी चेतावनी
कोविड जांच फर्जीवाड़े में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयानों पर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि दोनों नेताओं के बयान से प्रदेश सरकार कठघरे में खड़ी हो गई है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में बड़े लोगों के लिप्त होने की पूरी आशंका है। यह मामला केवल उत्तराखंड का ही नहीं है, हो सकता है कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इसके पांव फैले हों।
उन्होंने इसे घोटाला बताते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच हाईकोर्ट के वर्तमान जज की निगरानी में करवाने की मांग की। कहा कि वर्तमान व पूर्व मुख्यमंत्री के विरोधाभाषी बयानों से यह बात तो पुख्ता हो गई कि इस प्रकरण के तार कहीं ऊंची जगह जुड़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मामले में लीपापोती की कोशिश हुई तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन छेड़ देगी।