कुंभ में कोरोना जांच के फर्जीवाड़े के आरोपी मैक्स के पार्टनरों से पांच घंटे और लाल चंदानी लैब के संचालकों से एसआईटी टीम ने चार घंटे तक पूछताछ की। हालांकि, सवालों की फेहरिस्त अभी तक खत्म नहीं है। सोमवार को एक बार फिर कुछ जरूरी दस्तावेजों के साथ लाल चंदानी लैब के संचालकों को बुलाया गया है।
महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की कोरोना जांच में हुए फर्जीवाड़े के बाद नामजद की गई फर्म मैक्स कॉरपोरेट सर्विस के पार्टनर, नलवा लैब हिसार व डॉक्टर लाल चंदानी लैब के संचालकों से एसआईटी की लगातार पूछताछ चल रही है। रोशनाबाद स्थित एसआईटी कार्यालय में मैक्स कॉरपोरेट सर्विस के पार्टनर शरत और मल्लिका पंत शुक्रवार को पहुंचे थे। शुक्रवार को छह घंटे की पूछताछ के बाद शनिवार को भी वे सुबह फिर से कार्यालय पहुंचे। उनसे पांच घंटे तक पूछताछ हुई। इसमें दोनों से कई अहम जानकारियां पूछी गई। सोमवार को फिर से कुछ जरूरी दस्तावेजों के साथ एसआईटी के सामने उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद सेंट्रल दिल्ली की डॉक्टर लालचंदानी लैब के मालिक अर्जन लाल चंदानी व उनके बेटे पवन लाल चंदानी से भी चार घंटे तक पूछताछ चली। पूछताछ के दौरान डॉक्टर लाल चंदानी लैब के संचालकों से टेंडर कैसे मिला, टेंडर मिलने की प्रक्रिया क्या थी, समेत कई सवाल जवाब हुए। एसआईटी के जांच अधिकारी राजेश शाह ने बताया कि सोमवार को फिर से लाल चंदानी लैब के संचालकों को बुलाया गया है। वहीं मैक्स के पार्टनरों से कुछ जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं। डॉक्टर लाल चंदानी लैब के संचालक सोमवार को सीडीओ सौरभ गहरवार के सामने भी अपना पक्ष रखेंगे।