अगले वर्ष हरिद्वार कुंभ के दौरान अखाड़ों के सन्यासियों और तीर्थयात्रियों को ठंड से बचाने के लिए लकड़ियां मुहैया कराई जाएंगी। इसके लिए मेला प्रशासन के अनुरोध पर वन विकास निगम के अधिकारी लकड़ियों की व्यवस्था करने में जुट गए हैं। निगम के सभी गोदामों में लकड़ी के स्टाक का ब्योरा जुटाया जा रहा है।
वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक मोनिष मल्लिक ने बताया कि मेला प्रशासन की ओर से जलावन के लिए लकड़ियों की व्यवस्था करने को कहा गया है।
कुंभ में कितनी लकड़ियां चाहिए इसका ब्योरा तो नहीं दिया गया है, लेकिन ठंड के मद्देनजर बड़ी मात्रा में लकड़ियों की व्यवस्था करने को कहा गया है। मेला प्रशासन के अनुरोध पर हरिद्वार, देहरादून के अलावा राज्य के सभी गोदामों में रखी गई लकड़ी का ब्योरा जुटाने के साथ ही उसे हरिद्वार भेजने की तैयारी की जा रही है।
बता दें कि कुंभ के दौरान तमाम अखाड़ों के अलावा अस्थायी तौर पर बसाए गए नगर में ठंड से बचने के लिए जगह-जगह अलाव जलाए जाते हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर लकड़ियां जलाई जाती हैं। ऐसे में कुंभ के दौरान लकड़ियों की कमी न हो, इसके लिए मेला प्रशासन के साथ ही वन विकास निगम के अधिकारी अभी से ही तैयारियों में जुट गए हैं।